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पाठ-393: दोष: अधूरा गलाव (lack of fusion)
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पाठ परिचय
पाठ-392 में आपने पोरसिटी सीखी — आज एक और भी गंभीर, अक्सर छिपा हुआ दोष, अधूरा गलाव (lack of fusion)। यह दोष, जोड़ को बाहर से मज़बूत दिखा सकता है, जबकि भीतर से वह असल में जुड़ा ही नहीं होता — यह इसे ख़ासकर ख़तरनाक बनाता है।
सीखने का उद्देश्य
इस पाठ के बाद आप: (1) अधूरे गलाव के लक्षण पहचान पाएँगे, (2) इसके कारण समझ पाएँगे, (3) ज़िम्मेदार पैरामीटर जान सकेंगे, (4) सुधार और रोकथाम सीख पाएँगे।
मुख्य बात — दोष-जड़-तालिका से अधूरा गलाव
दोष: अधूरा गलाव — वेल्ड-मेटल और मूल-धातु (या पिछली परत), दोनों के बीच पूरी तरह न पिघलकर, ठीक से न जुड़ पाना।
लक्षण: बाहर से जोड़ अक्सर सामान्य दिखता है — यह दोष अक्सर सतह पर नहीं, बल्कि जोड़ के भीतर छिपा होता है, सिर्फ़ कटाई-जाँच (पाठ-354) या NDT (हिस्सा-10 में आगे) से पकड़ में आता है।
कारण: पर्याप्त गरमी न मिलना, ग़लत कोण से आर्क को किनारे की तरफ़ ठीक से न भेजना, या पिछली परत की सतह पर मौजूद स्लैग/गंदगी, जो नई परत को मूल-धातु से जुड़ने नहीं देती।
पैरामीटर: बहुत कम करंट, बहुत तेज़ गति, ग़लत आर्क-कोण (पाठ-107, 133), या परतों के बीच अधूरी सफ़ाई — यह सब अधूरे गलाव का मुख्य कारण बनते हैं।
सुधार: प्रभावित हिस्सा पूरी तरह ग्राइंड/काटकर हटाना (सिर्फ़ ऊपर से भरना काफ़ी नहीं), फिर सही करंट-कोण-गति से, ठीक से सफ़ाई करके, दोबारा वेल्ड करना।
रोकथाम: पर्याप्त करंट-गरमी, सही आर्क-कोण (किनारों तक पहुँचाना), हर परत के बाद अच्छी सफ़ाई (पाठ-249 जैसी स्लैग-सफ़ाई), और बहुत तेज़ गति से बचना — यह सब मिलकर अधूरा गलाव रोकते हैं।
अधूरा गलाव (lack of fusion) दोष-विज्ञान का सबसे ख़तरनाक सदस्य है — क्योंकि यह अक्सर सबसे 'सुंदर' दिखने वाले जोड़ों में छुपा मिलता है: ऊपर से माला चौड़ी-चमकदार-सुडौल, पर भीतर मूल-धातु और वेल्ड-धातु असल में 'मिली' ही नहीं — दोनों बस एक-दूसरे से सटकर बैठे हैं, ब्याहे नहीं गए; यही दोष है जिसे इंजीनियरिंग-दुनिया सबसे ज़्यादा डरती है, क्योंकि यह ताक़त की सबसे बड़ी चोरी है, फिर भी सतह-VT से अक्सर पकड़ में नहीं आती। जड़-तालाश तीन जगहों पर करनी है: (1) साइडवॉल fusion-कमी — बेवल-दीवार और माला के बीच गलाव नहीं हुआ (गंदी/जंग-लगी बेवल-सतह, बहुत कम एम्पियर, या बहुत तेज़ चाल — धातु 'सिर्फ़ रखी' गई, 'गलाई' नहीं गई); (2) इंटरपास fusion-कमी — दो परतों के बीच गलाव नहीं (पिछली परत की सफ़ाई-चोरी — 348 की हॉट-पास सफ़ाई-रस्म की सीधी सज़ा, या दूसरी परत बहुत ठंडी चढ़ी); (3) रूट fusion-कमी — जड़ के होंठ नहीं गले (कम एम्पियर, बहुत मोटा रूट-फ़ेस, या ग़लत रॉड-कोण — 344-345 की तैयारी की चूक की गवाही)। कारण की जड़ हमेशा एक ही परिवार में: गरमी-कमी (एम्पियर कम, चाल तेज़, आर्क बहुत लंबी-ठंडी) या सतह-रुकावट (ज़ंग-तेल-पपड़ी-पिछली-स्लैग की परत गलाव को रोकती है) — दोनों मिलकर भी हो सकते हैं। पहचान की मुश्किल और भी बाँधिए: सतह-VT कभी नहीं पकड़ती (माला ऊपर से नपी-सुंदर दिख सकती है), और यहीं तक कि X-ray/कटाई-जाँच भी बारीक़ साइडवॉल fusion-कमी को कभी-कभी चूक जाती है (ज़िम्मेदार-जगत में इसीलिए इसे 'सबसे ख़तरनाक अदृश्य दोष' कहा जाता है) — इसीलिए रोकथाम ही एकमात्र भरोसेमंद इलाज: पर्याप्त एम्पियर (चार्ट 379 का ऊपरी-सिरा, कम नहीं), सही-नपी चाल (न बहुत तेज़, न बहुत धीमी), साफ़ बेवल-किनारे और साफ़ हर परत (373 की तीन-सफ़ाई सीढ़ी अनिवार्य धर्म), और सही रॉड-कोण जो बेवल-दीवार को सीधे 'छूकर' गलाए, बस ऊपर से 'रखे' नहीं।
चित्र से समझिए
*(चित्र-विवरण: अधूरा गलाव, बाहर से दिखे बिना, जोड़ के भीतर, किनारे-परत ठीक से न जुड़ने से बनता है — सही करंट-कोण और सफ़ाई इसे रोकते हैं।)*
आसान भाषा में समझिए
दो कागज़ों को सिर्फ़ ऊपर से हल्का चिपकाने पर, वह देखने में जुड़े लगते हैं, पर हल्के खींचने पर अलग हो जाते हैं — असली, मज़बूत जोड़ के लिए पूरी तरह चिपकाना ज़रूरी है। अधूरा गलाव भी वैसी ही एक "ऊपरी, अधूरी" जुड़ाव है।
असली उदाहरण — कटाई-जाँच ने पकड़ी छिपी कमज़ोरी
एक जोड़, बाहर से बिल्कुल सामान्य, अच्छा दिख रहा था — पाठ-354 की कटाई-जाँच में, भीतर एक हिस्से में अधूरा गलाव मिला, जो बाहर से बिल्कुल नहीं दिखता था। पर्यवेक्षक ने कहा — "यही वजह है, हम सिर्फ़ बाहरी दिखावट पर भरोसा नहीं करते, गहरी जाँच ज़रूरी है।" इसके बाद, करंट-कोण सुधारकर, दोबारा जोड़ बनाया गया।
AI के साथ अभ्यास
ACS के AI साथी से कहिए: "अधूरे गलाव पर मेरी परीक्षा लो — (क) यह क्यों ख़तरनाक है, (ख) इसके कारण क्या हैं, (ग) रोकथाम कैसे करें; फिर मुझसे पूछो कि यह पोरसिटी से कैसे अलग है।" AI सलाह है, फ़ैसला नहीं।
आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)
(1) डायरी में अधूरे गलाव को दोष-जड़-तालिका के छह हिस्सों में लिखिए। (2) पोरसिटी (पाठ-392) और अधूरे गलाव के फ़र्क़ की एक तालिका बनाइए। (3) सोचिए कि यह दोष बाहर से क्यों नहीं दिखता। (4) यह जानकारी डायरी में दर्ज कीजिए।
आज अधूरे-गलाव को जन्म देकर उसकी छिपी-प्रकृति अपनी आँख से पहचानिए — यह दोष सबसे ज़्यादा 'दिखने में धोखा' देता है, इसीलिए आज की गतिविधि कटाई-अदालत पर विशेष ज़ोर देती है; नब्बे मिनट। चरण-1 (जान-बूझी ग़लती, 30 मिनट): बेवल-ग्रूव पर जान-बूझकर कम एम्पियर + तेज़ चाल से एक भराई-परत — ऊपर से देखने में माला ठीक-सी दिखे, यही लक्ष्य है (असली धोखा तभी समझ आएगा)। चरण-2 (सतह-VT भ्रम, 10 मिनट): इसी जोड़ की सामान्य VT कीजिए — पर्ची में लिखिए 'सतह से दिखने में कैसा लगा' (शायद 'ठीक' लिखेंगे — यही दोष का असली ख़तरा है)। चरण-3 (कटाई-सच्चाई, 30 मिनट): इसी जोड़ की कटाई-अदालत (268/354 की रीति) — कटे-चेहरे पर तिरछी रोशनी में बेवल-दीवार और माला के बीच की रेखा ढूँढ़िए: अधूरा-गलाव अक्सर एक बारीक़ काली-रेखा या 'सिलाई-जैसी' साफ़ सीमा-रेखा के रूप में दिखता है (गलाव हुआ होता तो यह सीमा धुँधली-घुली दिखती)। चरण-4 (तुलना-नमूना+तालिका, 20 मिनट): बग़ल में सही एम्पियर-चाल से एक तुलना-लकीर काटकर वही जाँच — फ़र्क़ साफ़ दिखेगा; दोनों नमूनों की तस्वीर + कल की दोष-जड़-तालिका में 'अधूरा गलाव' की पूरी पंक्ति भरिए, चेतावनी-टिप्पणी समेत: 'सतह-VT भरोसेमंद नहीं — कटाई ही असली गवाह'। डायरी-गाँठ: 'सबसे सुंदर दिखने वाला जोड़ भी अंदर से खोखला हो सकता है — इसलिए असली भरोसा माला की चमक पर नहीं, सही एम्पियर-चाल-सफ़ाई की रस्म पर रखा जाता है; जो कारीगर हर परत में पूरा गलाव सुनिश्चित करता है, उसे कटाई-अदालत से डरने की कभी ज़रूरत नहीं पड़ती।'
आम गलतियाँ
(1) सिर्फ़ बाहरी दिखावट देखकर, जोड़ को "अच्छा" मान लेना। (2) परतों के बीच सफ़ाई को नज़रअंदाज़ करना। (3) कोण को ग़लत रखना, किनारों तक गरमी न पहुँचाना। (4) सुधार में, सिर्फ़ ऊपर से भरना, जड़ की समस्या को न सुलझाना।
सावधानियाँ
यह पाठ पढ़ने-समझने का है, कोई विशेष वेल्डिंग-सावधानी नहीं।
तेज़ दोहराव
अधूरा गलाव = वेल्ड-मेटल और मूल-धातु का ठीक से न जुड़ना · अक्सर बाहर से नहीं दिखता, कटाई-जाँच या NDT से पकड़ में आता है · कारण = कम गरमी, ग़लत कोण, गंदी परत-सतह · सुधार = हिस्सा पूरी तरह हटाकर, दोबारा वेल्ड करना · रोकथाम = सही करंट-कोण, हर परत साफ़ करें।
छोटी परीक्षा (Quiz)
(1) अधूरा गलाव क्या है? (2) यह क्यों ख़तरनाक है? (3) इसके कारण क्या हैं? (4) यह कैसे पकड़ा जाता है? (5) रोकथाम के लिए क्या करना चाहिए?
पाठ का सार (Chapter Summary)
अधूरा गलाव, वेल्ड-मेटल और मूल-धातु (या पिछली परत) के बीच ठीक से न जुड़ने से बनता है — यह अक्सर बाहर से नहीं दिखता, इसीलिए ख़तरनाक है। कम गरमी, ग़लत आर्क-कोण, या गंदी परत-सतह इसके मुख्य कारण हैं। सुधार में, प्रभावित हिस्सा पूरी तरह हटाकर, दोबारा वेल्ड करना ज़रूरी है — रोकथाम के लिए, सही करंट-कोण और हर परत की अच्छी सफ़ाई बनाए रखनी चाहिए।
आगे क्या सीखें
एक और गंभीर, छिपा दोष सीख लिया। अगला पाठ (394) दोष: अधूरी पैठ (incomplete penetration) — जहाँ आप एक और, इससे जुड़ा दोष सीखेंगे।
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वीडियो (Video)
इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —
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(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)
