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कोर्स › वेल्डिंग (Welding) कोर्स › हिस्सा-undefined: सुरक्षा पहले

पाठ-2: हेलमेट — आपकी ढाल

पढ़ाई का समय: 11-13 मिनट · पाठ 2 / 630 · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

📖 कोर्स-परिचय

📚 सब पाठ — किसी भी पाठ पर सीधे जाओ
पाठ-1 पाठ-2 (यही) पाठ-3 पाठ-4 पाठ-5 पाठ-6 पाठ-7 पाठ-8 पाठ-9 पाठ-10 पाठ-11 पाठ-12 पाठ-13 पाठ-14 पाठ-15 पाठ-16 पाठ-17 पाठ-18 पाठ-19 पाठ-20 पाठ-21 पाठ-22 पाठ-23 पाठ-24 पाठ-25 पाठ-26 पाठ-27 पाठ-28 पाठ-29 पाठ-30 पाठ-31 पाठ-32 पाठ-33 पाठ-34 पाठ-35 पाठ-36 पाठ-37 पाठ-38 पाठ-39 पाठ-40 पाठ-41 पाठ-42 पाठ-43 पाठ-44 पाठ-45 पाठ-46 पाठ-47 पाठ-48 पाठ-49 पाठ-50 पाठ-51 पाठ-52 पाठ-53 पाठ-54 पाठ-55 पाठ-56 पाठ-57 पाठ-58 पाठ-59 पाठ-60 पाठ-61 पाठ-62 पाठ-63 पाठ-64 पाठ-65 पाठ-66 पाठ-67 पाठ-68 पाठ-69 पाठ-70 पाठ-71 पाठ-72 पाठ-73 पाठ-74 पाठ-75 पाठ-76 पाठ-77 पाठ-78 पाठ-79 पाठ-80 पाठ-81 पाठ-82 पाठ-83 पाठ-84 पाठ-85 पाठ-86 पाठ-87 पाठ-88 पाठ-89 पाठ-90 पाठ-91 पाठ-92 पाठ-93 पाठ-94 पाठ-95 पाठ-96 पाठ-97 पाठ-98 पाठ-99 पाठ-100 पाठ-101 पाठ-102 पाठ-103 पाठ-104 पाठ-105 पाठ-106 पाठ-107 पाठ-108 पाठ-109 पाठ-110 पाठ-111 पाठ-112 पाठ-113 पाठ-114 पाठ-115 पाठ-116 पाठ-117 पाठ-118 पाठ-119 पाठ-120 पाठ-121 पाठ-122 पाठ-123 पाठ-124 पाठ-125 पाठ-126 पाठ-127 पाठ-128 पाठ-129 पाठ-130 पाठ-131 पाठ-132 पाठ-133 पाठ-134 पाठ-135 पाठ-136 पाठ-137 पाठ-138 पाठ-139 पाठ-140 पाठ-141 पाठ-142 पाठ-143 पाठ-144 पाठ-145 पाठ-146 पाठ-147 पाठ-148 पाठ-149 पाठ-150 पाठ-151 पाठ-152 पाठ-153 पाठ-154 पाठ-155 पाठ-156 पाठ-157 पाठ-158 पाठ-159 पाठ-160 पाठ-161 पाठ-162 पाठ-163 पाठ-164 पाठ-165 पाठ-166 पाठ-167 पाठ-168 पाठ-169 पाठ-170 पाठ-171 पाठ-172 पाठ-173 पाठ-174 पाठ-175 पाठ-176 पाठ-177 पाठ-178 पाठ-179 पाठ-180 पाठ-181 पाठ-182 पाठ-183 पाठ-184 पाठ-185 पाठ-186 पाठ-187 पाठ-188 पाठ-189 पाठ-190 पाठ-191 पाठ-192 पाठ-193 पाठ-194 पाठ-195 पाठ-196 पाठ-197 पाठ-198 पाठ-199 पाठ-200 पाठ-201 पाठ-202 पाठ-203 पाठ-204 पाठ-205 पाठ-206 पाठ-207 पाठ-208 पाठ-209 पाठ-210 पाठ-211 पाठ-212 पाठ-213 पाठ-214 पाठ-215 पाठ-216 पाठ-217 पाठ-218 पाठ-219 पाठ-220 पाठ-221 पाठ-222 पाठ-223 पाठ-224 पाठ-225 पाठ-226 पाठ-227 पाठ-228 पाठ-229 पाठ-230 पाठ-231 पाठ-232 पाठ-233 पाठ-234 पाठ-235 पाठ-236 पाठ-237 पाठ-238 पाठ-239 पाठ-240 पाठ-241 पाठ-242 पाठ-243 पाठ-244 पाठ-245 पाठ-246 पाठ-247 पाठ-248 पाठ-249 पाठ-250 पाठ-251 पाठ-252 पाठ-253 पाठ-254 पाठ-255 पाठ-256 पाठ-257 पाठ-258 पाठ-259 पाठ-260 पाठ-261 पाठ-262 पाठ-263 पाठ-264 पाठ-265 पाठ-266 पाठ-267 पाठ-268 पाठ-269 पाठ-270 पाठ-271 पाठ-272 पाठ-273 पाठ-274 पाठ-275 पाठ-276 पाठ-277 पाठ-278 पाठ-279 पाठ-280 पाठ-281 पाठ-282 पाठ-283 पाठ-284 पाठ-285 पाठ-286 पाठ-287 पाठ-288 पाठ-289 पाठ-290 पाठ-291 पाठ-292 पाठ-293 पाठ-294 पाठ-295 पाठ-296 पाठ-297 पाठ-298 पाठ-299 पाठ-300 पाठ-301 पाठ-302 पाठ-303 पाठ-304 पाठ-305 पाठ-306 पाठ-307 पाठ-308 पाठ-309 पाठ-310 पाठ-311 पाठ-312 पाठ-313 पाठ-314 पाठ-315 पाठ-316 पाठ-317 पाठ-318 पाठ-319 पाठ-320 पाठ-321 पाठ-322 पाठ-323 पाठ-324 पाठ-325 पाठ-326 पाठ-327 पाठ-328 पाठ-329 पाठ-330 पाठ-331 पाठ-332 पाठ-333 पाठ-334 पाठ-335 पाठ-336 पाठ-337 पाठ-338 पाठ-339 पाठ-340 पाठ-341 पाठ-342 पाठ-343 पाठ-344 पाठ-345 पाठ-346 पाठ-347 पाठ-348 पाठ-349 पाठ-350 पाठ-351 पाठ-352 पाठ-353 पाठ-354 पाठ-355 पाठ-356 पाठ-357 पाठ-358 पाठ-359 पाठ-360 पाठ-361 पाठ-362 पाठ-363 पाठ-364 पाठ-365 पाठ-366 पाठ-367 पाठ-368 पाठ-369 पाठ-370 पाठ-371 पाठ-372 पाठ-373 पाठ-374 पाठ-375 पाठ-376 पाठ-377 पाठ-378 पाठ-379 पाठ-380 पाठ-381 पाठ-382 पाठ-383 पाठ-384 पाठ-385 पाठ-386 पाठ-387 पाठ-388 पाठ-389 पाठ-390 पाठ-391 पाठ-392 पाठ-393 पाठ-394 पाठ-395 पाठ-396 पाठ-397 पाठ-398 पाठ-399 पाठ-400 पाठ-401 पाठ-402 पाठ-403 पाठ-404 पाठ-405 पाठ-406 पाठ-407 पाठ-408 पाठ-409 पाठ-410 पाठ-411 पाठ-412 पाठ-413 पाठ-414 पाठ-415 पाठ-416 पाठ-417 पाठ-418 पाठ-419 पाठ-420 पाठ-421 पाठ-422 पाठ-423 पाठ-424 पाठ-425 पाठ-426 पाठ-427 पाठ-428 पाठ-429 पाठ-430 पाठ-431 पाठ-432 पाठ-433 पाठ-434 पाठ-435 पाठ-436 पाठ-437 पाठ-438 पाठ-439 पाठ-440 पाठ-441 पाठ-442 पाठ-443 पाठ-444 पाठ-445 पाठ-446 पाठ-447 पाठ-448 पाठ-449 पाठ-450 पाठ-451 पाठ-452 पाठ-453 पाठ-454 पाठ-455 पाठ-456 पाठ-457 पाठ-458 पाठ-459 पाठ-460 पाठ-461 पाठ-462 पाठ-463 पाठ-464 पाठ-465 पाठ-466 पाठ-467 पाठ-468 पाठ-469 पाठ-470 पाठ-471 पाठ-472 पाठ-473 पाठ-474 पाठ-475 पाठ-476 पाठ-477 पाठ-478 पाठ-479 पाठ-480 पाठ-481 पाठ-482 पाठ-483 पाठ-484 पाठ-485 पाठ-486 पाठ-487 पाठ-488 पाठ-489 पाठ-490 पाठ-491 पाठ-492 पाठ-493 पाठ-494 पाठ-495 पाठ-496 पाठ-497 पाठ-498 पाठ-499 पाठ-500 पाठ-501 पाठ-502 पाठ-503 पाठ-504 पाठ-505 पाठ-506 पाठ-507 पाठ-508 पाठ-509 पाठ-510 पाठ-511 पाठ-512 पाठ-513 पाठ-514 पाठ-515 पाठ-516 पाठ-517 पाठ-518 पाठ-519 पाठ-520 पाठ-521 पाठ-522 पाठ-523 पाठ-524 पाठ-525 पाठ-526 पाठ-527 पाठ-528 पाठ-529 पाठ-530 पाठ-531 पाठ-532 पाठ-533 पाठ-534 पाठ-535 पाठ-536 पाठ-537 पाठ-538 पाठ-539 पाठ-540 पाठ-541 पाठ-542 पाठ-543 पाठ-544 पाठ-545 पाठ-546 पाठ-547 पाठ-548 पाठ-549 पाठ-550 पाठ-551 पाठ-552 पाठ-553 पाठ-554 पाठ-555 पाठ-556 पाठ-557 पाठ-558 पाठ-559 पाठ-560 पाठ-561 पाठ-562 पाठ-563 पाठ-564 पाठ-565 पाठ-566 पाठ-567 पाठ-568 पाठ-569 पाठ-570 पाठ-571 पाठ-572 पाठ-573 पाठ-574 पाठ-575 पाठ-576 पाठ-577 पाठ-578 पाठ-579 पाठ-580 पाठ-581 पाठ-582 पाठ-583 पाठ-584 पाठ-585 पाठ-586 पाठ-587 पाठ-588 पाठ-589 पाठ-590 पाठ-591 पाठ-592 पाठ-593 पाठ-594 पाठ-595 पाठ-596 पाठ-597 पाठ-598 पाठ-599 पाठ-600 पाठ-601 पाठ-602 पाठ-603 पाठ-604 पाठ-605 पाठ-606 पाठ-607 पाठ-608 पाठ-609 पाठ-610 पाठ-611 पाठ-612 पाठ-613 पाठ-614 पाठ-615 पाठ-616 पाठ-617 पाठ-618 पाठ-619 पाठ-620 पाठ-621 पाठ-622 पाठ-623 पाठ-624 पाठ-625 पाठ-626 पाठ-627 पाठ-628 पाठ-629 पाठ-630

पाठ परिचय

पिछले पाठ में हमने जाना कि वेल्डिंग का आर्क हाथ के पास जलता एक छोटा सूरज है, और उसकी अनदेखी किरण नंगी आँख को झुलसा देती है। पाठ के अंत में तीन नियम सीखे थे — और तीनों में एक चीज़ बार-बार आई थी: काला शीशा।

आज उसी ढाल की पूरी पहचान करेंगे। क्योंकि "काला शीशा" कहना आसान है, पर बाज़ार में जाओगे तो दस तरह के शीशे मिलेंगे — सस्ता-महँगा, हल्का-भारी, हाथ वाला-सिर वाला। कौन-सा आपका है? किस पर लिखा नंबर क्या कहता है? और वह धूप का चश्मा, जो घर में पहले से रखा है — वह क्यों नहीं चलेगा?

पाठ ख़त्म होने तक आप दुकान पर खड़े होकर सही हेलमेट ख़ुद चुन सकेंगे — किसी के भरोसे नहीं।

सीखने का उद्देश्य

इस पाठ के बाद आप जान जाएँगे:

1. वेल्डिंग हेलमेट के चार हिस्से कौन-से हैं और हर हिस्से का काम क्या है।
2. शीशे पर लिखा शेड नंबर (Shade Number) क्या बताता है और अपने काम के लिए कौन-सा नंबर चुनें।
3. हाथ-शीशा और सिर वाला हेलमेट — किसकी क्या ताक़त, क्या कमज़ोरी।
4. धूप का चश्मा और साधारण काला शीशा वेल्डिंग में क्यों बिलकुल नहीं चलते।

मुख्य बात — ढाल के चार हिस्से

वेल्डिंग हेलमेट देखने में एक काली टोपी-नुमा चीज़ है, पर उसके चार हिस्से हैं, और चारों का अपना काम:

1. बाहरी ढाँचा — पूरा चेहरा ढँकने वाला मज़बूत, गरमी-रोधी ढाँचा। इसका काम सिर्फ़ शीशा पकड़ना नहीं — उड़ती चिंगारी और गरम छींटों से आपके पूरे चेहरे और गले को बचाना भी है। इसीलिए सिर्फ़ आँख ढँकने वाला चश्मा वेल्डिंग के लिए अधूरा है — किरण गालों और गले की त्वचा को भी झुलसाती है। पाठ-1 याद कीजिए — यूवी त्वचा की भी दुश्मन है।

2. काला शीशा (फ़िल्टर शीशा) — असली ढाल यही है। यह साधारण रंगा हुआ काँच नहीं — ख़ास बनावट का शीशा है जो आर्क की तेज़ चमक और अनदेखी यूवी किरण, दोनों को रोकता है। इसी पर वह नंबर लिखा होता है जिसकी बात आगे करेंगे।

3. साफ़ शीशा (ढकना-शीशा) — काले शीशे के आगे लगा सस्ता, साफ़ प्लास्टिक-शीशा। इसका काम है महँगे काले शीशे को छींटों और खरोंच से बचाना। यह घिस जाए तो सिर्फ़ यही बदलो — पूरा काला शीशा नहीं। दस-बीस रुपये की यह पर्त सैकड़ों रुपये का शीशा बचाती है।

4. सिर-पट्टा — भीतर का वह घेरा जो हेलमेट को सिर पर कसता है। पीछे घुमाने वाला पेंच होता है — अपने सिर के नाप पर कसिए। ढीला पट्टा यानी झुकते ही हेलमेट नाक पर; ज़्यादा कसा यानी घंटे भर में सिरदर्द।

और सिर वाले हेलमेट में एक पाँचवीं चीज़ — घुमाव-कब्ज़ा, जिससे हेलमेट ऊपर उठाकर चेहरे से हटाया जा सकता है, उतारे बिना। टाँका लगाया, हेलमेट ऊपर, काम जाँचा, फिर नीचे — यही चाल दिन भर चलती है।

चित्र से पहचानिए

वेल्डिंग हेलमेट के चार हिस्से 1. बाहरी ढाँचा पूरा चेहरा-गला ढँके घुमाव-कब्ज़ा ऊपर उठाने के लिए 2. काला शीशा असली ढाल — शेड (Shade) 9-13 3. साफ़ शीशा काले शीशे का रक्षक 4. सिर-पट्टा पीछे पेंच से कसे खरोंच/चटक वाला शीशा = तुरंत बदलें घिसे तो पहले साफ़ शीशा बदलो — काला नहीं
चार हिस्से, चार काम — पहचान पक्की कीजिए।

शेड नंबर — शीशे की भाषा

अब वह नंबर, जिस पर पूरा खेल टिका है। हर असली फ़िल्टर-शीशे पर एक अंक लिखा होता है — 9, 10, 11, 12 या 13। इसे शेड नंबर कहते हैं। सीधा हिसाब:

जितना बड़ा नंबर, उतना गहरा काला, उतनी तेज़ चमक रोकने लायक़।

और चमक किस पर टिकी है? मशीन की ताक़त पर — यानी एम्पियर पर। पतली चादर का हल्का काम कम एम्पियर पर होता है, चमक कम — शेड 9-10 काफ़ी। मोटे लोहे का भारी काम ज़्यादा एम्पियर, चमक तेज़ — शेड 11-12। बहुत भारी औद्योगिक काम — शेड 13।

शुरुआती के लिए सीधी सलाह: शेड 10 या 11 से शुरुआत कीजिए — घर-दुकान के आम काम (ग्रिल, गेट, कुर्सी-मेज़) इसी दायरे में हैं।

एक बारीक़ बात और — नंबर कम होना जितना ख़तरनाक है (किरण पार हो जाएगी), बेवजह ज़्यादा होना भी काम बिगाड़ता है: शीशा इतना गहरा कि जोड़ की लाइन दिखे ही नहीं, और आदमी देखने के लिए हेलमेट सरकाने लगे — यानी ढाल ख़ुद हटाने लगे। सही नंबर वही, जिसमें आर्क आराम से दिखे — न चौंधियाए, न अँधेरा हो।

हाथ-शीशा बनाम सिर वाला हेलमेट

बाज़ार में दोनों मिलेंगे:

हाथ-शीशा — डंडी वाली ढाल, हाथ में पकड़कर चेहरे के आगे करते हैं। सस्ता है (शुरुआत में यही दिखेगा), शीशा वही असली फ़िल्टर होता है — सुरक्षा में कमी नहीं। पर एक बड़ी कमज़ोरी: आपका एक हाथ हमेशा घिरा रहेगा। एक हाथ में होल्डर, दूसरे में ढाल — तो काम की चीज़ पकड़ेगा कौन? टेढ़े-तिरछे जोड़ों पर यह कमी अखरती है।

सिर वाला हेलमेट — दोनों हाथ आज़ाद। एक हाथ होल्डर, दूसरा काम सँभाले। दाम थोड़ा ज़्यादा, पर कमाने वाले औज़ार में यह फ़र्क़ वसूल है।

एक तीसरी चीज़ भी दुकान पर दिखेगी — अपने-आप काला होने वाला ऑटो-डार्कनिंग (Auto-Darkening) हेलमेट: आर्क जलते ही शीशा ख़ुद गहरा हो जाता है। सुविधा शानदार है, दाम भी। अभी नाम भर जान लीजिए — इसकी परख का अलग पाठ आगे है।

धूप का चश्मा क्यों नहीं — तीन वजह

यह इस पाठ का सबसे ज़रूरी "नहीं" है, क्योंकि यही सबसे आम जुगाड़ है।

1. कालापन और किरण-रोक अलग चीज़ें हैं। चश्मे का रंग सिर्फ़ दिखने वाली चमक घटाता है — अनदेखी यूवी को रोकने की बनावट उसमें है ही नहीं। बल्कि उल्टा नुक़सान: काले शीशे के पीछे आँख की पुतली खुल जाती है (जैसे अँधेरे में खुलती है) — और खुली पुतली से किरण और भीतर तक जाती है। यानी धूप का चश्मा पहनकर आर्क देखना, नंगी आँख से भी बुरा हो सकता है।

2. नंबर नहीं। शेड 9-13 की कोई जाँची-परखी छाप उस पर नहीं — कितना रोकता है, कोई नहीं जानता।

3. चेहरा खुला। गाल, माथा, गला — सब किरण और छींटों के हवाले।

यही तीनों बातें साधारण रंगे काँच (गाड़ी का काला शीशा, फ़िल्मी चश्मा, एक्स-रे फ़िल्म) पर भी लागू हैं। जुगाड़ यहाँ नहीं चलेगा — यह वह जगह है जहाँ ACS ख़ुद कहता है: ख़र्च कीजिए। अच्छी बात — हाथ-शीशा बहुत सस्ता है; कम-से-कम पैसे की शुरुआत भी असली ढाल से हो सकती है।

असली उदाहरण — दो दुकानों की कहानी

एक ही बाज़ार में दो दुकानें। पहली पर कारीगर पुराना, चटका शीशा टेप से जोड़कर चला रहा है — "अभी काम चल रहा है न।" दूसरी पर कारीगर ने चटकते ही साफ़ शीशा बदला — बीस रुपये, दो मिनट।

छह महीने बाद पहले वाले की आँखों में बार-बार जलन रहने लगी — चटक की महीन दरार से किरण रिसती रही, रोज़ थोड़ी-थोड़ी। बूँद-बूँद वाला वही हिसाब, जो पाठ-1 में पढ़ा था। दूसरा कारीगर आज भी शाम को आराम से टीवी देखता है।

फ़र्क़ बीस रुपये का नहीं था — आदत का था।

AI के साथ अभ्यास

अपने AI साथी से पूछिए:

1. "पतली चादर की वेल्डिंग के लिए कौन-सा शेड नंबर लूँ और क्यों?"
2. "ऑटो-डार्कनिंग हेलमेट और साधारण हेलमेट में क्या फ़र्क़ है — नए आदमी को कौन-सा लेना चाहिए?"
3. कठिन सवाल: "मेरे हेलमेट के शीशे पर कोई नंबर नहीं लिखा — क्या करूँ?"

आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)

अगली बार बाज़ार जाएँ तो औज़ार की दुकान पर पाँच मिनट रुकिए:

1. कोई भी वेल्डिंग हेलमेट उठाइए — चारों हिस्से छूकर पहचानिए (ढाँचा, काला शीशा, साफ़ शीशा, पट्टा)।
2. काले शीशे पर शेड नंबर ढूँढिए — मिले तो डायरी में लिखिए।
3. हाथ-शीशे और सिर वाले का दाम पूछिए — दोनों दाम डायरी में।
4. कुछ ख़रीदना नहीं है — आज सिर्फ़ पहचान का दिन है।

आम गलतियाँ

चटका शीशा टेप से चलाना — दरार से किरण रिसती है; टेप ढाल नहीं है।

साफ़ शीशा घिसने पर पूरा काला शीशा बदल देना — पैसे की बर्बादी; पहले ढकना-शीशा देखो।

दूसरे का हेलमेट बिना पट्टा कसे पहनना — ढीला हेलमेट टाँके के बीच सरकता है, और आदमी नंगी आँख से आर्क में झाँक बैठता है।

सावधानियाँ

शीशे पर खरोंच या चटक = तुरंत बदलो — यह ख़र्च नहीं, आँख का बीमा है।

हेलमेट गरम मशीन या धूप में मत छोड़ो — ढाँचा टेढ़ा होता है, शीशे की पकड़ ढीली।

हेलमेट ज़मीन पर औंधा मत पटको — शीशे पर बालू की खरोंचें वहीं से आती हैं; खूँटी पर टाँगो। हर चीज़ की तय जगह — यह आदत आगे पूरे कोर्स में चलेगी।

तेज़ दोहराव

चार हिस्से: ढाँचा · काला शीशा · साफ़ शीशा · सिर-पट्टा • शेड नंबर 9-13 — बड़ा नंबर = गहरी ढाल • शुरुआती = शेड 10-11 • हाथ-शीशा सस्ता पर एक हाथ घेरे; सिर वाला = दोनों हाथ आज़ाद • धूप का चश्मा = नंगी आँख से भी बुरा • चटक = तुरंत बदली।

छोटी परीक्षा (Quiz)

1. काले शीशे के आगे लगा साफ़ शीशा किसकी रक्षा करता है?
2. शेड नंबर बड़ा होने का मतलब क्या?
3. धूप के चश्मे में पुतली खुलने से क्या ख़तरा बढ़ता है?
4. हाथ-शीशे की सबसे बड़ी कमज़ोरी?
5. शीशे पर चटक दिखे तो पहला काम?

जवाब पाठ में हैं — AI साथी से जँचवाइए।

Download सामग्री

एक पन्ने का "हेलमेट-ख़रीद कार्ड" — दुकान ले जाने लायक़: चार हिस्सों की जाँच + शेड-तालिका (कौन-सा काम, कौन-सा नंबर) + "धूप का चश्मा नहीं" की चेतावनी। (यह कार्ड जल्द यहीं जुड़ेगा।)

पाठ का सार (Chapter Summary)

वेल्डिंग हेलमेट चार हिस्सों की ढाल है — ढाँचा चेहरा बचाता है, काला शीशा किरण रोकता है, साफ़ शीशा काले शीशे को बचाता है, पट्टा सबको सिर पर टिकाता है। शीशे की ताक़त शेड नंबर (9-13) बताता है — काम जितना भारी, नंबर उतना बड़ा; शुरुआती के लिए 10-11। धूप का चश्मा ढाल नहीं, धोखा है — पुतली खोलकर किरण को भीतर बुलाता है। और चटका शीशा ढाल में छेद है — तुरंत बदलो।

आगे क्या सीखें

आँख की ढाल तैयार। पर पाठ-1 में पढ़ा था — यूवी किरण त्वचा भी झुलसाती है। तो बाक़ी शरीर का क्या? कौन-सा कपड़ा ढाल है और कौन-सा ख़ुद आग का ईंधन? अगला पाठ — पाठ-3: त्वचा भी जलती है, कपड़ों का नियम।

वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —

🎬 YouTube पर इस पाठ के वीडियो खोजें 🏛️ BharatSkills सरकारी वीडियो-मंच

(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)