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पाठ-287: TIG फ़िलेट और लैप — माइल्ड स्टील
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पाठ परिचय
पाठ-284-285 में आपने बिना और साथ फ़िलर की बुनियादी तकनीक सीखी — आज पहला असली जोड़, TIG फ़िलेट और लैप — माइल्ड स्टील। माइल्ड (सामान्य) स्टील पर शुरुआत करना समझदारी है, क्योंकि यह DC (पाठ-279) और ER70S-2 (पाठ-286) के साथ, TIG की सबसे सरल, अनुमानित प्रक्रिया है।
सीखने का उद्देश्य
इस पाठ के बाद आप: (1) फ़िलेट-जोड़ में टॉर्च-रॉड का तालमेल लागू करना सीखेंगे, (2) लैप-जोड़ (ओवरलैप किए टुकड़े) की तकनीक समझ पाएँगे, (3) सही करंट-सेटिंग चुनना जान सकेंगे, (4) एक साफ़, एक-समान जोड़ बना पाएँगे।
मुख्य बात — पहला असली, भराव-सहित जोड़
(1) फ़िलेट-जोड़ — पाठ-115 जैसी ही स्थिति, नई तकनीक। दो टुकड़े कोण पर मिलते हैं — टॉर्च को दोनों सतहों के बीच, लगभग बराबर कोण पर रखते हुए, पाठ-285 की डुबाना-निकालना लय से भराव जोड़ा जाता है।
(2) लैप-जोड़ — एक टुकड़ा दूसरे के ऊपर। यह एक नई जोड़-स्थिति है, जहाँ एक टुकड़ा दूसरे के ऊपर, थोड़ा ओवरलैप करके रखा जाता है — टॉर्च को ऊपर वाले टुकड़े के किनारे और नीचे वाले टुकड़े की सतह, दोनों पर बराबर गरमी देनी होती है।
(3) करंट-सेटिंग — मोटाई के हिसाब से, DC पर। पाठ-279 की सीख — माइल्ड स्टील के लिए DC करंट, और मोटाई के अनुसार सही एम्पियर (आमतौर पर पतली चादर के लिए कम, मोटी के लिए ज़्यादा) चुना जाता है।
(4) दोनों सतहों पर बराबर गरमी — असंतुलन से बचाव। अगर एक सतह को दूसरी से ज़्यादा गरमी मिले, तो जोड़ असमान, कमज़ोर बनेगा — टॉर्च की स्थिति और गति दोनों सतहों पर बराबर ध्यान देने के लिए समायोजित करनी चाहिए।
(5) फ़िलर की मात्रा — ज़रूरत के हिसाब से, न ज़्यादा न कम। बहुत ज़्यादा फ़िलर एक भद्दा, उभरा जोड़ देगा; बहुत कम फ़िलर कमज़ोर, धँसा जोड़ देगा — सही मात्रा का अंदाज़ा अभ्यास से आता है।
(6) आँख से लगातार जाँच — तालाब और भराव, दोनों देखते हुए। TIG में वेल्डर को एक साथ तीन चीज़ें देखनी होती हैं — पिघला तालाब, फ़िलर-रॉड की गति, और जोड़ की बनती हुई आकृति — यह बहु-कार्य क्षमता अभ्यास से विकसित होती है।
माइल्ड-स्टील का TIG-फ़िलेट/लैप आपकी जुगलबंदी की पहली 'ज्यामिति-परीक्षा' है — पूँड़ की खुली सड़क छोड़कर अब आर्क को कोने की गली में चलाना है; और गली के अपने तीन नियम हैं। नियम-1 (आँच का बँटवारा): फ़िलेट के कोने में दो दीवारें हैं — और TIG की सुई-आर्क इतनी नपी है कि रत्ती-भर झुकाव पूरा बँटवारा बदल देता है: टॉर्च की सीध कोने के बीच 45° (पाठ-115 की विरासत), पर लैप-जोड़ में वही पुरानी घात याद — ऊपर की चादर का किनारा पतला है, नीचे की देह मोटी: आँच का झुकाव नीचे वाली पर, किनारे को तालाब सिर्फ़ चाटे (पाठ-200 की लैप-विद्या अब सुई की नोक पर)। नियम-2 (रॉड की जगह): गली में रॉड की डुबकी ठीक कोने की जड़ पर — किनारे से आई डुबकी धातु को दीवार पर चढ़ाती है (ओवरलैप का TIG-रूप); और कोने में कप अड़ता है तो गैस-लेंस + लंबी झाँक की जोड़ी (पाठ-280 का वरदान ठीक यहीं काम आता है)। नियम-3 (नाप वही, नफ़ासत नई): पैर-गेज की कसौटी TIG पर भी अटल (पाठ-179) — पर TIG-फ़िलेट की पहचान उसकी महीन बराबर लहर-माला है: छोटा-सधा फ़िलेट जो नाप में सच्चा हो, TIG-मेज़ की शान है — GMAW-रफ़्तार का मोटा फ़िलेट यहाँ लाना विद्या का अपमान भी है और जेब का घाटा भी (TIG-समय महँगा है: जहाँ मोटा-लंबा फ़िलेट चाहिए वहाँ प्रक्रिया-छलनी GMAW/FCAW बोलती है — पाठ-259; TIG-फ़िलेट की जगह पतला-दिखता-नाज़ुक काम है)। परख वही पुरानी अदालत: नमूना-कूपन का तोड़-परीक्षण (पाठ-116) — TIG की सुंदर लहरें भी दीवार-गलाव की गवाही तोड़कर ही देती हैं।
चित्र से समझिए
*(चित्र-विवरण: माइल्ड स्टील पर फ़िलेट (कोण-जोड़) और लैप (ओवरलैप-जोड़) — DC करंट, सही एम्पियर, और दोनों सतहों पर बराबर गरमी से एक साफ़ जोड़ बनता है।)*
आसान भाषा में समझिए
दो अलग-अलग सतहों को एक साथ, बराबर ध्यान से रंगना — जैसे एक कोने की दोनों दीवारें — एक तरफ़ ज़्यादा, दूसरी तरफ़ कम ध्यान देने से रंग असमान बनता है। TIG फ़िलेट-लैप में भी दोनों सतहों पर बराबर "ध्यान" (गरमी) ज़रूरी है।
असली उदाहरण — बराबर गरमी ने बनाया साफ़ जोड़
एक छात्र का फ़िलेट-जोड़ एक तरफ़ ज़्यादा पिघला, दूसरी तरफ़ कम — जोड़ असमान बना। उस्ताद ने देखा कि टॉर्च एक सतह की तरफ़ ज़्यादा झुका हुआ था। कोण सुधारने पर, दोनों सतहों को बराबर गरमी मिली, जोड़ साफ़, एक-समान बना। उस्ताद ने कहा — "TIG में संतुलन ही सब कुछ है — गरमी का, ध्यान का, हाथ का।"
AI के साथ अभ्यास
ACS के AI साथी से कहिए: "TIG फ़िलेट-लैप पर मेरी परीक्षा लो — (क) फ़िलेट में टॉर्च कैसे रखी जाती है, (ख) लैप-जोड़ में क्या ख़ास ध्यान चाहिए, (ग) दोनों सतहों पर बराबर गरमी क्यों ज़रूरी है; फिर मुझसे पूछो कि मेरे अभ्यास में फ़िलर की मात्रा सही थी या नहीं।" AI सलाह है, फ़ैसला नहीं — असली अभ्यास आगे उस्ताद की निगरानी में।
आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)
(1) डायरी में फ़िलेट और लैप-जोड़ के चित्र बनाइए, टॉर्च-कोण दिखाते हुए। (2) पाठ-286 का सही ER70S-2 रॉड-चुनाव याद कीजिए। (3) अगर उस्ताद की निगरानी में संभव हो, TIG से फ़िलेट या लैप-जोड़ का अभ्यास कीजिए। (4) यह अनुभव डायरी में दर्ज कीजिए।
आज तीन कूपन की सीढ़ी — लैप से फ़िलेट तक; पतली-मध्यम पट्टियाँ, S-2 रॉड, DC, और हर कूपन पर अंक-पर्ची। कूपन-1 (लैप, 20 मिनट): दो पट्टियाँ उँगली-भर चढ़ी — टैक दोनों सिरे (पाठ-128 की रीति), फिर बित्ता-भर लैप-टाँका: आँच नीचे झुकी, डुबकी जड़ पर, किनारा तालाब में घुलता हुआ; ठंडा कर पढ़िए — किनारा माला में समाया (सही) या ऊपर तैरती अलग रेखा (ठंडा-चाटा)। कूपन-2 (टी-फ़िलेट 1F/नाव-मुद्रा, 25 मिनट): टुकड़े नाव-स्थिति में जमाकर छोटा फ़िलेट — लक्ष्य नपा छोटा पैर + बराबर लहरें; पैर-गेज से तीन जगह नाप, फ़र्क़ रत्ती के भीतर। कूपन-3 (2F, 25 मिनट): वही जोड़ आड़ी मुद्रा में — गुरुत्व की पुरानी घात (पाठ-117) TIG की धीमी चाल में और धीरज माँगती है: तालाब छोटा, पैडल की साँस नपी, डुबकी की लय तेज़-छोटी (बड़ी डुबकी = लटकता लोंदा)। अंत में अदालत: कूपन-2/3 में से एक तोड़िए — टूटे चेहरे पर दोनों दीवारों की गवाही (पाठ-116 की रीति); और तीनों की तस्वीर-पर्ची पोर्टफ़ोलियो-थैली में: TIG-नमूने वहाँ सबसे चमकते पन्ने बनते हैं। ठोकर-चेतावनी दो: (1) फ़िलेट की गली में झाँक बढ़ाकर 'पहुँच' बनाना — लंबी झाँक बिना गैस-लेंस = ढाल टूटी (मैली माला ख़ुद बोलेगी); (2) जल्दी के लिए रॉड मोटी लेना — मोटी रॉड छोटे तालाब को हर डुबकी में ठंडा मारती है: छोटे काम की रॉड पतली, यही TIG का हिसाब है।
आम गलतियाँ
(1) एक सतह को दूसरी से ज़्यादा गरमी देना, असंतुलन बनाना। (2) बहुत ज़्यादा या बहुत कम फ़िलर डालना। (3) एक साथ तालाब, रॉड, आकृति — तीनों पर ध्यान न दे पाना, जल्दबाज़ी करना। (4) ग़लत करंट-सेटिंग इस्तेमाल करना।
सावधानियाँ
यह अभ्यास हमेशा उस्ताद की सीधी निगरानी में करें, हिस्सा-1 के पूरे सुरक्षा-नियमों के साथ।
तेज़ दोहराव
फ़िलेट = कोण-जोड़, बराबर कोण पर टॉर्च · लैप = ओवरलैप-जोड़, दोनों सतहों पर बराबर गरमी · करंट DC, मोटाई के हिसाब से एम्पियर चुनें · फ़िलर की मात्रा न ज़्यादा न कम · तालाब-रॉड-आकृति, तीनों एक साथ देखें।
छोटी परीक्षा (Quiz)
(1) फ़िलेट-जोड़ में टॉर्च कैसे रखी जाती है? (2) लैप-जोड़ में क्या ख़ास ध्यान चाहिए? (3) करंट-सेटिंग कैसे चुनी जाती है? (4) दोनों सतहों पर बराबर गरमी क्यों ज़रूरी है? (5) फ़िलर की सही मात्रा कैसे तय होती है?
पाठ का सार (Chapter Summary)
माइल्ड स्टील पर TIG फ़िलेट (कोण-जोड़) और लैप (ओवरलैप-जोड़) में टॉर्च को दोनों सतहों के बीच बराबर कोण पर रखा जाता है, DC करंट और मोटाई के हिसाब से सही एम्पियर चुना जाता है। दोनों सतहों पर बराबर गरमी देना, और फ़िलर की सही मात्रा (न ज़्यादा न कम) डालना — यह TIG के पहले असली, भराव-सहित जोड़ की कुंजी है।
आगे क्या सीखें
फ़िलेट-लैप जोड़ सीख लिए। अगला पाठ (288) TIG बट-जोड़ — पतली चादर, बिना छेद — जहाँ आप एक और बुनियादी जोड़-स्थिति सीखेंगे।
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वीडियो (Video)
इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —
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(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)
