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कोर्स › वेल्डिंग (Welding) कोर्स › हिस्सा-undefined: धातुविज्ञान · पाइप-महारत · फ़ैब्रिकेशन-कारीगरी

पाठ-348: पाइप-6 — हॉट-पास

पढ़ाई का समय: 11-13 मिनट · पाठ 348 / 630 · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

📖 कोर्स-परिचय

📚 सब पाठ — किसी भी पाठ पर सीधे जाओ
पाठ-1 पाठ-2 पाठ-3 पाठ-4 पाठ-5 पाठ-6 पाठ-7 पाठ-8 पाठ-9 पाठ-10 पाठ-11 पाठ-12 पाठ-13 पाठ-14 पाठ-15 पाठ-16 पाठ-17 पाठ-18 पाठ-19 पाठ-20 पाठ-21 पाठ-22 पाठ-23 पाठ-24 पाठ-25 पाठ-26 पाठ-27 पाठ-28 पाठ-29 पाठ-30 पाठ-31 पाठ-32 पाठ-33 पाठ-34 पाठ-35 पाठ-36 पाठ-37 पाठ-38 पाठ-39 पाठ-40 पाठ-41 पाठ-42 पाठ-43 पाठ-44 पाठ-45 पाठ-46 पाठ-47 पाठ-48 पाठ-49 पाठ-50 पाठ-51 पाठ-52 पाठ-53 पाठ-54 पाठ-55 पाठ-56 पाठ-57 पाठ-58 पाठ-59 पाठ-60 पाठ-61 पाठ-62 पाठ-63 पाठ-64 पाठ-65 पाठ-66 पाठ-67 पाठ-68 पाठ-69 पाठ-70 पाठ-71 पाठ-72 पाठ-73 पाठ-74 पाठ-75 पाठ-76 पाठ-77 पाठ-78 पाठ-79 पाठ-80 पाठ-81 पाठ-82 पाठ-83 पाठ-84 पाठ-85 पाठ-86 पाठ-87 पाठ-88 पाठ-89 पाठ-90 पाठ-91 पाठ-92 पाठ-93 पाठ-94 पाठ-95 पाठ-96 पाठ-97 पाठ-98 पाठ-99 पाठ-100 पाठ-101 पाठ-102 पाठ-103 पाठ-104 पाठ-105 पाठ-106 पाठ-107 पाठ-108 पाठ-109 पाठ-110 पाठ-111 पाठ-112 पाठ-113 पाठ-114 पाठ-115 पाठ-116 पाठ-117 पाठ-118 पाठ-119 पाठ-120 पाठ-121 पाठ-122 पाठ-123 पाठ-124 पाठ-125 पाठ-126 पाठ-127 पाठ-128 पाठ-129 पाठ-130 पाठ-131 पाठ-132 पाठ-133 पाठ-134 पाठ-135 पाठ-136 पाठ-137 पाठ-138 पाठ-139 पाठ-140 पाठ-141 पाठ-142 पाठ-143 पाठ-144 पाठ-145 पाठ-146 पाठ-147 पाठ-148 पाठ-149 पाठ-150 पाठ-151 पाठ-152 पाठ-153 पाठ-154 पाठ-155 पाठ-156 पाठ-157 पाठ-158 पाठ-159 पाठ-160 पाठ-161 पाठ-162 पाठ-163 पाठ-164 पाठ-165 पाठ-166 पाठ-167 पाठ-168 पाठ-169 पाठ-170 पाठ-171 पाठ-172 पाठ-173 पाठ-174 पाठ-175 पाठ-176 पाठ-177 पाठ-178 पाठ-179 पाठ-180 पाठ-181 पाठ-182 पाठ-183 पाठ-184 पाठ-185 पाठ-186 पाठ-187 पाठ-188 पाठ-189 पाठ-190 पाठ-191 पाठ-192 पाठ-193 पाठ-194 पाठ-195 पाठ-196 पाठ-197 पाठ-198 पाठ-199 पाठ-200 पाठ-201 पाठ-202 पाठ-203 पाठ-204 पाठ-205 पाठ-206 पाठ-207 पाठ-208 पाठ-209 पाठ-210 पाठ-211 पाठ-212 पाठ-213 पाठ-214 पाठ-215 पाठ-216 पाठ-217 पाठ-218 पाठ-219 पाठ-220 पाठ-221 पाठ-222 पाठ-223 पाठ-224 पाठ-225 पाठ-226 पाठ-227 पाठ-228 पाठ-229 पाठ-230 पाठ-231 पाठ-232 पाठ-233 पाठ-234 पाठ-235 पाठ-236 पाठ-237 पाठ-238 पाठ-239 पाठ-240 पाठ-241 पाठ-242 पाठ-243 पाठ-244 पाठ-245 पाठ-246 पाठ-247 पाठ-248 पाठ-249 पाठ-250 पाठ-251 पाठ-252 पाठ-253 पाठ-254 पाठ-255 पाठ-256 पाठ-257 पाठ-258 पाठ-259 पाठ-260 पाठ-261 पाठ-262 पाठ-263 पाठ-264 पाठ-265 पाठ-266 पाठ-267 पाठ-268 पाठ-269 पाठ-270 पाठ-271 पाठ-272 पाठ-273 पाठ-274 पाठ-275 पाठ-276 पाठ-277 पाठ-278 पाठ-279 पाठ-280 पाठ-281 पाठ-282 पाठ-283 पाठ-284 पाठ-285 पाठ-286 पाठ-287 पाठ-288 पाठ-289 पाठ-290 पाठ-291 पाठ-292 पाठ-293 पाठ-294 पाठ-295 पाठ-296 पाठ-297 पाठ-298 पाठ-299 पाठ-300 पाठ-301 पाठ-302 पाठ-303 पाठ-304 पाठ-305 पाठ-306 पाठ-307 पाठ-308 पाठ-309 पाठ-310 पाठ-311 पाठ-312 पाठ-313 पाठ-314 पाठ-315 पाठ-316 पाठ-317 पाठ-318 पाठ-319 पाठ-320 पाठ-321 पाठ-322 पाठ-323 पाठ-324 पाठ-325 पाठ-326 पाठ-327 पाठ-328 पाठ-329 पाठ-330 पाठ-331 पाठ-332 पाठ-333 पाठ-334 पाठ-335 पाठ-336 पाठ-337 पाठ-338 पाठ-339 पाठ-340 पाठ-341 पाठ-342 पाठ-343 पाठ-344 पाठ-345 पाठ-346 पाठ-347 पाठ-348 (यही) पाठ-349 पाठ-350 पाठ-351 पाठ-352 पाठ-353 पाठ-354 पाठ-355 पाठ-356 पाठ-357 पाठ-358 पाठ-359 पाठ-360 पाठ-361 पाठ-362 पाठ-363 पाठ-364 पाठ-365 पाठ-366 पाठ-367 पाठ-368 पाठ-369 पाठ-370 पाठ-371 पाठ-372 पाठ-373 पाठ-374 पाठ-375 पाठ-376 पाठ-377 पाठ-378 पाठ-379 पाठ-380 पाठ-381 पाठ-382 पाठ-383 पाठ-384 पाठ-385 पाठ-386 पाठ-387 पाठ-388 पाठ-389 पाठ-390 पाठ-391 पाठ-392 पाठ-393 पाठ-394 पाठ-395 पाठ-396 पाठ-397 पाठ-398 पाठ-399 पाठ-400 पाठ-401 पाठ-402 पाठ-403 पाठ-404 पाठ-405 पाठ-406 पाठ-407 पाठ-408 पाठ-409 पाठ-410 पाठ-411 पाठ-412 पाठ-413 पाठ-414 पाठ-415 पाठ-416 पाठ-417 पाठ-418 पाठ-419 पाठ-420 पाठ-421 पाठ-422 पाठ-423 पाठ-424 पाठ-425 पाठ-426 पाठ-427 पाठ-428 पाठ-429 पाठ-430 पाठ-431 पाठ-432 पाठ-433 पाठ-434 पाठ-435 पाठ-436 पाठ-437 पाठ-438 पाठ-439 पाठ-440 पाठ-441 पाठ-442 पाठ-443 पाठ-444 पाठ-445 पाठ-446 पाठ-447 पाठ-448 पाठ-449 पाठ-450 पाठ-451 पाठ-452 पाठ-453 पाठ-454 पाठ-455 पाठ-456 पाठ-457 पाठ-458 पाठ-459 पाठ-460 पाठ-461 पाठ-462 पाठ-463 पाठ-464 पाठ-465 पाठ-466 पाठ-467 पाठ-468 पाठ-469 पाठ-470 पाठ-471 पाठ-472 पाठ-473 पाठ-474 पाठ-475 पाठ-476 पाठ-477 पाठ-478 पाठ-479 पाठ-480 पाठ-481 पाठ-482 पाठ-483 पाठ-484 पाठ-485 पाठ-486 पाठ-487 पाठ-488 पाठ-489 पाठ-490 पाठ-491 पाठ-492 पाठ-493 पाठ-494 पाठ-495 पाठ-496 पाठ-497 पाठ-498 पाठ-499 पाठ-500 पाठ-501 पाठ-502 पाठ-503 पाठ-504 पाठ-505 पाठ-506 पाठ-507 पाठ-508 पाठ-509 पाठ-510 पाठ-511 पाठ-512 पाठ-513 पाठ-514 पाठ-515 पाठ-516 पाठ-517 पाठ-518 पाठ-519 पाठ-520 पाठ-521 पाठ-522 पाठ-523 पाठ-524 पाठ-525 पाठ-526 पाठ-527 पाठ-528 पाठ-529 पाठ-530 पाठ-531 पाठ-532 पाठ-533 पाठ-534 पाठ-535 पाठ-536 पाठ-537 पाठ-538 पाठ-539 पाठ-540 पाठ-541 पाठ-542 पाठ-543 पाठ-544 पाठ-545 पाठ-546 पाठ-547 पाठ-548 पाठ-549 पाठ-550 पाठ-551 पाठ-552 पाठ-553 पाठ-554 पाठ-555 पाठ-556 पाठ-557 पाठ-558 पाठ-559 पाठ-560 पाठ-561 पाठ-562 पाठ-563 पाठ-564 पाठ-565 पाठ-566 पाठ-567 पाठ-568 पाठ-569 पाठ-570 पाठ-571 पाठ-572 पाठ-573 पाठ-574 पाठ-575 पाठ-576 पाठ-577 पाठ-578 पाठ-579 पाठ-580 पाठ-581 पाठ-582 पाठ-583 पाठ-584 पाठ-585 पाठ-586 पाठ-587 पाठ-588 पाठ-589 पाठ-590 पाठ-591 पाठ-592 पाठ-593 पाठ-594 पाठ-595 पाठ-596 पाठ-597 पाठ-598 पाठ-599 पाठ-600 पाठ-601 पाठ-602 पाठ-603 पाठ-604 पाठ-605 पाठ-606 पाठ-607 पाठ-608 पाठ-609 पाठ-610 पाठ-611 पाठ-612 पाठ-613 पाठ-614 पाठ-615 पाठ-616 पाठ-617 पाठ-618 पाठ-619 पाठ-620 पाठ-621 पाठ-622 पाठ-623 पाठ-624 पाठ-625 पाठ-626 पाठ-627 पाठ-628 पाठ-629 पाठ-630

पाठ परिचय

पाठ-346-347 में आपने रूट-पास की दो तकनीकें सीखीं — आज उसके ठीक बाद आने वाली, एक बेहद ख़ास परत, पाइप-6 — हॉट-पास। यह परत रूट-पास और आगे की परतों (फ़िल-कैप, पाठ-349) के बीच एक ज़रूरी कड़ी है।

सीखने का उद्देश्य

इस पाठ के बाद आप: (1) हॉट-पास का मक़सद समझ पाएँगे, (2) इसे "हॉट" (गरम) क्यों कहा जाता है, यह जान सकेंगे, (3) सही समय और तकनीक समझ पाएँगे, (4) इसके छूटने के नुक़सान पहचान पाएँगे।

मुख्य बात — रूट के तुरंत बाद, एक सफ़ाई-मज़बूती परत

(1) हॉट-पास क्या है — रूट-पास के तुरंत बाद लगाई गई दूसरी परत। रूट-पास बनते ही, बिना ज़्यादा देर किए, उसके ऊपर तुरंत एक और परत (हॉट-पास) लगाई जाती है — यह रूट-पास के अभी भी गरम रहते हुए किया जाता है, इसीलिए "हॉट"-पास कहलाता है।

(2) मक़सद-1 — रूट-पास के दोष "साफ़" करना। हॉट-पास की गरमी, रूट-पास की सतह पर मौजूद छोटी अनियमितताओं, हल्के अंडरकट, या छोटे फँसे स्लैग (SMAW-6010 में, पाठ-346) को "पिघलाकर" ठीक कर देती है।

(3) मक़सद-2 — रूट को गरमी में "बनाए रखना"। पाठ-327 की इंटरपास तापमान सीख — अगर रूट-पास पूरी तरह ठंडा हो जाए, फिर हाइड्रोजन-दरार (पाठ-329) का ख़तरा बढ़ सकता है — हॉट-पास, रूट को अभी भी गरम रहते हुए, जल्दी "ढँक" देता है, यह ख़तरा कम करता है।

(4) समय की अहमियत — बहुत जल्दी शुरू करना। हॉट-पास आमतौर पर रूट-पास पूरा होने के कुछ ही मिनटों के भीतर शुरू किया जाता है — बहुत देर करने पर, रूट पूरी तरह ठंडा हो जाता है, हॉट-पास का पूरा फ़ायदा नहीं मिलता।

(5) तकनीक — रूट से थोड़ा धीमी, ज़्यादा चौड़ी। हॉट-पास अक्सर रूट-पास से थोड़ी धीमी गति, और थोड़ी ज़्यादा चौड़ी लकीर में बनाई जाती है — यह पूरी रूट-सतह को अच्छी तरह ढँकने, दोष ठीक करने के लिए ज़रूरी है।

(6) छूटने के नुक़सान — दरार का बढ़ा ख़तरा, कमज़ोर जोड़। अगर हॉट-पास छोड़ दिया जाए, या बहुत देर से लगाया जाए, तो रूट-पास के छोटे दोष अनसुलझे रह सकते हैं, और हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा भी बढ़ सकता है — कई WPS-निर्देशों में हॉट-पास एक अनिवार्य क़दम होता है।

हॉट-पास जड़ और भराई के बीच की वह कड़ी-परत है जिसे नौसिखिया 'बस दूसरी परत' समझता है और पाइप-जगत 'जड़ की मरम्मत-परत' कहता है — नाम में ही नुस्ख़ा है: यह परत जड़ के ठंडा-ठिठुरने से पहले, गरम-गरम में चढ़ती है, और उसके तीन काम हैं: जड़ की पतली देह को मोटा सहारा देना, जड़-किनारों की महीन कमियों (wagon-tracks की खाइयाँ, हल्के अंडरकट, फँसी-चिपकी रत्ती-स्लैग) को दोबारा गलाकर पीना, और अगली भराई-परतों के लिए साफ़-चौड़ी सेज बिछाना। रीति की बारीक़ियाँ: (1) घड़ी-खिड़की — जड़ के बाद बहुत देर मत लगाइए (ठंडी-सिकुड़ी पतली जड़ अकेली खिंचाव झेलती है — पतली जड़ पर दरार का सबसे नाज़ुक पहर यही है), पर स्लैग-सफ़ाई पूरी करके ही (6010-जड़ के बाद पतली पपड़ी + किनारा-खाइयों की तार-ब्रश/पिसाई-सफ़ाई — बिना-सफ़ाई हॉट-पास = क़ैद-स्लैग की खेती); (2) आँच-चाल — हॉट-पास प्राय: जड़ से ज़रा चढ़े एम्पीयर और बहती चाल पर: उसे किनारों की खाइयों में 'घुसकर धोना' है — धीमी-ठंडी हॉट-पास अपनी परिभाषा ही हार जाती है; (3) छड़-बदल की तमीज़ — कई रीतियों में जड़ 6010 और हॉट-पास से आगे 7018-परिवार (low-hydrogen की देह-ताक़त): छड़ बदली तो लय भी बदली (कोड़ा-लय से खींची-सधी drag-लय पर) — और WPS जो जोड़ी लिखे वही अंतिम (पाठ-174); (4) नाप-अनुशासन — हॉट-पास के बाद ग्रूव अब भी 'कटोरा' दिखे (किनारों की बेवल-दीवारें साफ़ खड़ी): परत इतनी मोटी नहीं कि अगली परतों का नक़्शा (पाठ-241 की परत-सीढ़ी) बिगड़े। गाँठ: जड़ जन्म है, हॉट-पास परवरिश — और पाइप-जोड़ की जवानी (भराई-टोपी) उसी परवरिश पर खड़ी होती है।

चित्र से समझिए

पाइप-6 — हॉट-पास*(चित्र-विवरण: हॉट-पास रूट-पास के तुरंतबाद, गरम रहते हुए लगाया जाता है — यह दोषठीक करने और हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा कमकरने में मदद करता है।)*याद रखें✓ हॉट-पास रूट-पास के तुरंत बाद, गरम रहते हुए लगाया जाता है · मक़सद-1: रूट के छोटेहिस्सा-9 · पाठ 348 / 630 · टैग (P)
*(चित्र-विवरण: हॉट-पास रूट-पास के तुरंत बाद, गरम रहते हुए लगाया जाता है — यह दोष ठीक करने और हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा कम करने में मदद करता है।)*

*(चित्र-विवरण: हॉट-पास रूट-पास के तुरंत बाद, गरम रहते हुए लगाया जाता है — यह दोष ठीक करने और हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा कम करने में मदद करता है।)*

आसान भाषा में समझिए

ताज़ी बनी रोटी को तुरंत घी लगाने से वह नरम रहती है — देर करने पर रोटी सख़्त हो जाती है, घी का असर उतना नहीं होता। हॉट-पास भी वैसा ही एक "तुरंत का काम" है — रूट-पास के गरम रहते ही, अगली परत लगाना सबसे असरदार है।

असली उदाहरण — देरी ने बढ़ाया ख़तरा

एक टीम ने रूट-पास बनाने के बाद, कई घंटे बाद हॉट-पास लगाया — इतनी देर में रूट पूरी तरह ठंडा हो चुका था। कुछ दिन बाद, जोड़ में एक छोटी दरार मिली। पर्यवेक्षक ने समझाया — "हॉट-पास का पूरा फ़ायदा तभी है, जब यह जल्दी, रूट के गरम रहते ही लगाया जाए।" अगली बार, सही समय पर हॉट-पास लगाने पर, कोई दरार नहीं आई।

AI के साथ अभ्यास

ACS के AI साथी से कहिए: "पाइप हॉट-पास पर मेरी परीक्षा लो — (क) हॉट-पास क्या है, (ख) इसके दो मक़सद क्या हैं, (ग) इसे कब लगाना चाहिए; फिर मुझसे पूछो कि हॉट-पास छूटने से क्या नुक़सान हो सकता है।" AI सलाह है, फ़ैसला नहीं — असली अभ्यास आगे उस्ताद की निगरानी में।

आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)

(1) डायरी में हॉट-पास के दो मक़सद लिखिए। (2) पाठ-327 की इंटरपास तापमान सीख से इसका जुड़ाव समझाइए। (3) सोचिए कि हॉट-पास में कितनी देरी सुरक्षित हो सकती है। (4) यह जानकारी डायरी में दर्ज कीजिए।

आज जड़+हॉट-पास की जोड़ी-साधना — दो ग्रूव, दो रास्ते; लक्ष्य: हॉट-पास का 'धोने वाला' चरित्र अपनी आँख से देखना। तैयारी (10 मिनट): दो बेवल-ग्रूव (कल-परसों की रस्म से) — दोनों पर जड़-लकीर (एक 6010-लय से, दूसरी TIG से — दोनों कलाइयों का दोहराव साथ-साथ)। ग्रूव-1 (सही रस्म, 30 मिनट): जड़ के तुरंत-बाद पूरी सफ़ाई (ब्रश + किनारा-खाइयों पर बारीक पिसाई-छुअन) → हॉट-पास चढ़े-एम्पीयर बहती-चाल से → ठंडा कर पढ़ाई: किनारों की खाइयाँ 'धुली' मिलनी चाहिए — जड़-किनारा और हॉट-पास एक बहती देह; फिर ग्रूव का कटोरा-नक़्शा जाँचिए (बेवल-दीवारें अब भी खड़ी-साफ़?)। ग्रूव-2 (जान-बूझी ग़लती, 20 मिनट): जड़ की सफ़ाई अधूरी छोड़कर (किनारे की पपड़ी रहने दीजिए) हॉट-पास — ठंडा कर आर-पार काट-पिसाई (पाठ-323 की कटाई-विद्या): किनारे की क़ैद-रेखा/काले दाने ढूँढ़िए — मिले तो यही 'wagon-tracks की क़ैद' का जीता नमूना है: मार्कर-पर्ची समेत दोष-संग्रहालय की पाइप-ताख़ का पहला सदस्य बनाइए (नई ताख़ आज से खुली)। समेटना (10 मिनट): डायरी में हॉट-पास की तीन-काम पर्ची अपने शब्दों में + घड़ी-नियम ('जड़ ठंडी-अकेली न छूटे — पर सफ़ाई से पहले हॉट-पास कभी नहीं') + कल की तैयारी-पंक्ति: अगली कक्षा (349) में इसी सेज पर भराई-टोपी चढ़ेगी — कटोरे का नक़्शा जितना साफ़ रखा है, कल की परतें उतनी सीधी बैठेंगी।

आम गलतियाँ

(1) हॉट-पास में बहुत देर करना। (2) हॉट-पास को छोड़ देना, समय बचाने के लिए। (3) हॉट-पास को रूट-पास जितनी ही गति-चौड़ाई में बनाना, इसकी अलग तकनीक न समझना। (4) हॉट-पास का मक़सद न समझना, इसे सिर्फ़ "एक और परत" समझना।

सावधानियाँ

यह अभ्यास हमेशा उस्ताद की सीधी निगरानी में करें, हिस्सा-1 के पूरे सुरक्षा-नियमों के साथ।

तेज़ दोहराव

हॉट-पास रूट-पास के तुरंत बाद, गरम रहते हुए लगाया जाता है · मक़सद-1: रूट के छोटे दोष "साफ़" करना · मक़सद-2: रूट को गरम रहते ढँककर, दरार-ख़तरा कम करना · कुछ मिनटों के भीतर शुरू करना ज़रूरी है · देरी या छूटने से दरार का ख़तरा बढ़ता है।

छोटी परीक्षा (Quiz)

(1) हॉट-पास क्या है? (2) इसे "हॉट" क्यों कहा जाता है? (3) इसके दो मक़सद क्या हैं? (4) इसे कब लगाना चाहिए? (5) हॉट-पास छूटने से क्या नुक़सान हो सकता है?

पाठ का सार (Chapter Summary)

हॉट-पास रूट-पास के तुरंत बाद, उसके अभी भी गरम रहते हुए लगाई गई दूसरी परत है — यह रूट-पास के छोटे दोष "साफ़" करता है, और रूट को गरम रहते ढँककर, हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा कम करता है। यह कुछ ही मिनटों के भीतर शुरू होना चाहिए — देरी या छूटने से दरार का ख़तरा बढ़ सकता है, इसलिए कई WPS-निर्देशों में यह अनिवार्य क़दम है।

आगे क्या सीखें

हॉट-पास की तकनीक सीख ली। अगला पाठ (349) पाइप-7 — फ़िल और कैप — जहाँ आप पाइप-जोड़ की आख़िरी परतें बनाना सीखेंगे।

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वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —

🎬 YouTube पर इस पाठ के वीडियो खोजें 🏛️ BharatSkills सरकारी वीडियो-मंच

(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)