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पाठ-231: तार (wire) की पहचान — ER70S-6, मोटाई 0.8/1.0/1.2
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पाठ परिचय
पाठ-108-112 में आपने SMAW की छड़ों की पहचान (6013, 7018, आदि) सीखी थी — आज उसी सोच का GMAW-रूप, तार की पहचान। GMAW का तार भी छड़ों जैसे ही एक कोड-नाम और मोटाई-नंबर से पहचाना जाता है — यह पाठ उस कोड को पढ़ना सिखाता है।
सीखने का उद्देश्य
इस पाठ के बाद आप: (1) ER70S-6 जैसे तार-कोड का मतलब समझ पाएँगे, (2) तार की मोटाई (0.8/1.0/1.2 मिमी) का महत्व जान सकेंगे, (3) सही तार चुनने की तकनीक सीखेंगे, (4) रील/स्पूल को पहचान पाएँगे।
मुख्य बात — कोड के पीछे छिपी जानकारी
(1) ER70S-6 का मतलब — हर अक्षर-संख्या का अर्थ। "E" का मतलब है Electrode (इलेक्ट्रोड यानी तार ख़ुद), "R" का मतलब Rod (या तार की भूमिका), "70" का मतलब है इस तार से बना जोड़ कम-से-कम 70,000 पाउंड-प्रति-वर्ग-इंच तन्य-मज़बूती रखेगा, "S" का मतलब Solid (ठोस तार, खोखला नहीं), और "6" एक ख़ास रासायनिक-संरचना कोड है, जो तार की सफ़ाई-गुणवत्ता से जुड़ा है।
(2) यह कोड-भाषा SMAW जैसी ही सोच पर बनी। ठीक जैसे 6013, 7018 (पाठ-108-112) में हर अंक का मतलब था, GMAW के तार-कोड भी वैसी ही एक सोची-समझी, अंतरराष्ट्रीय भाषा हैं — एक बार समझ लेने पर, कोई भी तार-कोड पढ़ना आसान हो जाता है।
(3) तार की मोटाई — 0.8, 1.0, 1.2 मिमी, सबसे आम। यह तीन मोटाई भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होती हैं — पतली चादर के लिए 0.8 मिमी, मध्यम काम के लिए 1.0 मिमी, और मोटी, भारी काम के लिए 1.2 मिमी या उससे मोटा तार चुना जाता है।
(4) मोटाई का सीधा असर — करंट-सेटिंग पर। तार जितना मोटा, उतना ज़्यादा करंट चाहिए — यह सीधा पाठ-233 की वोल्टेज-वायर-स्पीड सेटिंग से जुड़ता है, जो आगे विस्तार से सीखेंगे।
(5) रील/स्पूल — तार कैसे आता है। तार एक बड़ी, गोल रील (स्पूल) में लपेटा हुआ आता है — इसे वायर-फ़ीडर (पाठ-226 की सीख) में लगाया जाता है, जो धीरे-धीरे इसे खोलकर गन तक भेजता रहता है।
(6) सही तार चुनने का सरल सूत्र — धातु और मोटाई से। सामान्य कार्बन स्टील के लिए ER70S-6 सबसे आम तार है; स्टेनलेस स्टील या एल्युमिनियम के लिए बिल्कुल अलग, ख़ास तार चाहिए — यह चुनाव धातु के प्रकार और मोटाई, दोनों से मिलकर तय होता है।
तार के लच्छे पर छपा 'ER70S-6' कोई जादू-मंत्र नहीं — चार टुकड़ों की साफ़ पर्ची है; एक बार तोड़कर पढ़ लीजिए, फिर हर लच्छा ख़ुद बोलेगा। ER = इलेक्ट्रोड/रॉड — यानी यह तार करंट लेकर ख़ुद पिघलने वाला भराव है; 70 = जुड़े टाँके की खिंचाव-ताक़त का दर्जा (हज़ारों-पौंड-प्रति-वर्ग-इंच की भाषा में सत्तर) — ग़ौर कीजिए, यही '70' आपकी पुरानी पहचान 7018 (पाठ-109) के '70' का सगा भाई है: दोनों दुनियाओं में ताक़त-अंक एक ही बोली बोलता है; S = ठोस तार (solid) — भीतर कोई मसाला नहीं, छतरी बाहर की गैस से (मसाला-भरे तार की दुनिया FCAW है — पाठ-161 की सूची का अगला मेहमान); 6 = रसायन-नुस्ख़े का दर्जा — इस अंक वाले तार में सफ़ाई-कर्मी तत्व (सिलिकॉन-मैंगनीज़ परिवार) खुले हाथ से हैं, जो हल्के-मैले/ज़ंग-छुए लोहे पर भी तालाब को सँभाल लेते हैं — इसीलिए ER70S-6 भारतीय दुकानों का घर-घर तार है। मोटाई की सीढ़ी अलग पर्ची है: 0.8 मिमी = पतली चादर-हल्के काम की सुई; 1.0 = हरफ़नमौला बीच का घर; 1.2 = मोटे-भारी काम का हाथ — मोटा तार ज़्यादा करंट माँगता-ढोता है (सीधा रिश्ता पाठ-233 की घुंडियों से)। और लच्छे की देह-भाषा: तार पर ज़ंग की झाईं, धूल-चिकनाई = लाइनर-टिप की बीमारी और टाँके में छेद — लच्छा हमेशा ढककर, सूखी जगह (पाठ-110 की छड़-नमी वाली आत्मा, तार-रूप में)।
चित्र से समझिए
*(चित्र-विवरण: ER70S-6 का हर अक्षर-संख्या एक ज़रूरी जानकारी देता है — तार की भूमिका, मज़बूती, बनावट, और गुणवत्ता — मोटाई अलग से चुनी जाती है।)*
आसान भाषा में समझिए
दवाई की पर्ची पर लिखा कोड (जैसे "500 mg") सिर्फ़ डॉक्टर या दवाख़ाने वाला नहीं, हर पढ़ा-लिखा व्यक्ति समझ सकता है, अगर उसे कोड की भाषा पता हो। तार का कोड भी वैसा ही है — शुरुआत में अजीब लगता है, पर एक बार भाषा समझ आ जाए, तो कोई भी कोड आसानी से पढ़ा जा सकता है।
असली उदाहरण — कोड पढ़ने से बची ग़लती
एक छात्र ने बिना कोड पढ़े, दुकान से कोई भी तार ख़रीद लिया — काम के दौरान पता चला कि वह तार स्टेनलेस स्टील के लिए था, जबकि काम सामान्य कार्बन स्टील का था। जोड़ ठीक से नहीं बना। उस्ताद ने तार-कोड पढ़ना सिखाया — अगली बार छात्र ने ध्यान से ER70S-6 लिखा तार चुना, सामान्य स्टील के लिए सही, और काम बिना किसी समस्या के पूरा हुआ।
AI के साथ अभ्यास
ACS के AI साथी से कहिए: "GMAW तार-कोड पर मेरी परीक्षा लो — (क) ER70S-6 के हर हिस्से का मतलब क्या है, (ख) कौन-सी मोटाई सबसे आम है, (ग) मोटाई कैसे चुनाव को प्रभावित करती है; फिर मुझसे पूछो कि किसी काम के लिए कौन-सी मोटाई और कोड चुनना चाहिए।" AI सलाह है, फ़ैसला नहीं।
आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)
(1) डायरी में ER70S-6 के हर अक्षर-संख्या का मतलब लिखिए। (2) तीन मोटाई (0.8, 1.0, 1.2 मिमी) और उनके इस्तेमाल की सूची बनाइए। (3) अगर उस्ताद के पास तार-रील उपलब्ध हो, तो उसे देखिए, कोड और मोटाई नोट कीजिए। (4) यह जानकारी डायरी में दर्ज कीजिए।
आज तार-पहचान को आदत बनाइए — तीन छोटे काम, तीनों बिना आर्क के। काम-1 (पर्ची-पाठ): अपनी दुकान/बाज़ार के दो-तीन लच्छों के लेबल पढ़कर चारों टुकड़े अलग-अलग बोलिए — ER / 70 / S / 6, और मोटाई; कहीं दूसरा अंक दिखे (जैसे S-2 परिवार) तो फ़र्क़ नोट कीजिए: छोटा अंक = कम सफ़ाई-कर्मी = ज़्यादा साफ़ धातु की माँग — यही एक पंक्ति ख़रीद की मेज़ पर आपको 'कौन-सा तार' के जवाब वाला कारीगर बना देती है। काम-2 (जोड़ी-पट्टी): औज़ार-पेटी के ढक्कन में एक नई पट्टी — तार-मोटाई ↔ टिप-अंक ↔ रोलर-खाँचा ↔ मोटा करंट-दायरा; तीनों पुर्ज़ों (पाठ-230, 232) का तार से नपा रिश्ता एक ही पट्टी पर रहे तो बदली के दिन कुछ नहीं छूटता। काम-3 (भंडार-तमीज़): खुले लच्छे को मशीन पर ढकिए (कपड़ा/थैली), बाक़ी लच्छे सूखे डिब्बे में — और हर लच्छे पर ख़रीद-तारीख़ चॉक/मार्कर से (पाठ-223 की हिसाब-आदत तार पर भी: कौन-सा लच्छा कितने दिन-काम चला, यही आगे प्रति-मीटर तार-ख़र्च की पर्ची बनेगा)। अंत में एक मिलान-प्रश्न ख़ुद से: 3 मिमी की ग्रिल-नली का काम आया — तार कौन-सा? (उत्तर सोचिए: 0.8, और क्यों — पतली दीवार, कम गरमी की माँग: पाठ-138 की वही आत्मा, तार-दुनिया में।)
आम गलतियाँ
(1) तार-कोड को बिना पढ़े, अंदाज़े से तार ख़रीदना। (2) सामान्य स्टील और स्टेनलेस-एल्युमिनियम के तार को गड्डमड्ड करना। (3) मोटाई और करंट-सेटिंग के संबंध को नज़रअंदाज़ करना। (4) रील को ग़लत तरीक़े से वायर-फ़ीडर में लगाना।
सावधानियाँ
यह पाठ पढ़ने-समझने का है, कोई विशेष वेल्डिंग-सावधानी नहीं।
तेज़ दोहराव
ER70S-6 = इलेक्ट्रोड, तन्य-मज़बूती 70,000 psi, ठोस तार, रासायनिक-कोड 6 · मोटाई: 0.8/1.0/1.2 मिमी सबसे आम, पतली-मध्यम-मोटी धातु के लिए · तार धातु-प्रकार और मोटाई, दोनों से चुना जाता है · रील/स्पूल वायर-फ़ीडर में लगाई जाती है।
छोटी परीक्षा (Quiz)
(1) ER70S-6 में "70" का क्या मतलब है? (2) ER70S-6 में "S" का क्या मतलब है? (3) सबसे आम तीन तार-मोटाई कौन-सी हैं? (4) तार की मोटाई किसे प्रभावित करती है? (5) तार किस रूप में वायर-फ़ीडर में लगाया जाता है?
पाठ का सार (Chapter Summary)
GMAW तार का कोड (जैसे ER70S-6) SMAW की छड़-कोड जैसी ही एक अंतरराष्ट्रीय भाषा है — हर अक्षर-संख्या तार की भूमिका, मज़बूती, बनावट, और गुणवत्ता बताती है। तार की मोटाई (0.8/1.0/1.2 मिमी) धातु की मोटाई और करंट-सेटिंग से जुड़ी होती है। सही तार का चुनाव धातु-प्रकार और मोटाई, दोनों से मिलकर तय होता है।
आगे क्या सीखें
तार की पहचान सीख ली। अगला पाठ (232) वायर-फ़ीडर सेट करना — रोलर, टेंशन, लाइनर — जहाँ आप तार को सही तरीक़े से मशीन में लगाना सीखेंगे।
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वीडियो (Video)
इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —
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(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)
