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कोर्स › वेल्डिंग (Welding) कोर्स › हिस्सा-undefined: धातुविज्ञान · पाइप-महारत · फ़ैब्रिकेशन-कारीगरी

पाठ-329: दरार-1 — हाइड्रोजन (ठंडी) दरार — 7018 और सुखाई की जड़

पढ़ाई का समय: 11-13 मिनट · पाठ 329 / 630 · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

📖 कोर्स-परिचय

📚 सब पाठ — किसी भी पाठ पर सीधे जाओ
पाठ-1 पाठ-2 पाठ-3 पाठ-4 पाठ-5 पाठ-6 पाठ-7 पाठ-8 पाठ-9 पाठ-10 पाठ-11 पाठ-12 पाठ-13 पाठ-14 पाठ-15 पाठ-16 पाठ-17 पाठ-18 पाठ-19 पाठ-20 पाठ-21 पाठ-22 पाठ-23 पाठ-24 पाठ-25 पाठ-26 पाठ-27 पाठ-28 पाठ-29 पाठ-30 पाठ-31 पाठ-32 पाठ-33 पाठ-34 पाठ-35 पाठ-36 पाठ-37 पाठ-38 पाठ-39 पाठ-40 पाठ-41 पाठ-42 पाठ-43 पाठ-44 पाठ-45 पाठ-46 पाठ-47 पाठ-48 पाठ-49 पाठ-50 पाठ-51 पाठ-52 पाठ-53 पाठ-54 पाठ-55 पाठ-56 पाठ-57 पाठ-58 पाठ-59 पाठ-60 पाठ-61 पाठ-62 पाठ-63 पाठ-64 पाठ-65 पाठ-66 पाठ-67 पाठ-68 पाठ-69 पाठ-70 पाठ-71 पाठ-72 पाठ-73 पाठ-74 पाठ-75 पाठ-76 पाठ-77 पाठ-78 पाठ-79 पाठ-80 पाठ-81 पाठ-82 पाठ-83 पाठ-84 पाठ-85 पाठ-86 पाठ-87 पाठ-88 पाठ-89 पाठ-90 पाठ-91 पाठ-92 पाठ-93 पाठ-94 पाठ-95 पाठ-96 पाठ-97 पाठ-98 पाठ-99 पाठ-100 पाठ-101 पाठ-102 पाठ-103 पाठ-104 पाठ-105 पाठ-106 पाठ-107 पाठ-108 पाठ-109 पाठ-110 पाठ-111 पाठ-112 पाठ-113 पाठ-114 पाठ-115 पाठ-116 पाठ-117 पाठ-118 पाठ-119 पाठ-120 पाठ-121 पाठ-122 पाठ-123 पाठ-124 पाठ-125 पाठ-126 पाठ-127 पाठ-128 पाठ-129 पाठ-130 पाठ-131 पाठ-132 पाठ-133 पाठ-134 पाठ-135 पाठ-136 पाठ-137 पाठ-138 पाठ-139 पाठ-140 पाठ-141 पाठ-142 पाठ-143 पाठ-144 पाठ-145 पाठ-146 पाठ-147 पाठ-148 पाठ-149 पाठ-150 पाठ-151 पाठ-152 पाठ-153 पाठ-154 पाठ-155 पाठ-156 पाठ-157 पाठ-158 पाठ-159 पाठ-160 पाठ-161 पाठ-162 पाठ-163 पाठ-164 पाठ-165 पाठ-166 पाठ-167 पाठ-168 पाठ-169 पाठ-170 पाठ-171 पाठ-172 पाठ-173 पाठ-174 पाठ-175 पाठ-176 पाठ-177 पाठ-178 पाठ-179 पाठ-180 पाठ-181 पाठ-182 पाठ-183 पाठ-184 पाठ-185 पाठ-186 पाठ-187 पाठ-188 पाठ-189 पाठ-190 पाठ-191 पाठ-192 पाठ-193 पाठ-194 पाठ-195 पाठ-196 पाठ-197 पाठ-198 पाठ-199 पाठ-200 पाठ-201 पाठ-202 पाठ-203 पाठ-204 पाठ-205 पाठ-206 पाठ-207 पाठ-208 पाठ-209 पाठ-210 पाठ-211 पाठ-212 पाठ-213 पाठ-214 पाठ-215 पाठ-216 पाठ-217 पाठ-218 पाठ-219 पाठ-220 पाठ-221 पाठ-222 पाठ-223 पाठ-224 पाठ-225 पाठ-226 पाठ-227 पाठ-228 पाठ-229 पाठ-230 पाठ-231 पाठ-232 पाठ-233 पाठ-234 पाठ-235 पाठ-236 पाठ-237 पाठ-238 पाठ-239 पाठ-240 पाठ-241 पाठ-242 पाठ-243 पाठ-244 पाठ-245 पाठ-246 पाठ-247 पाठ-248 पाठ-249 पाठ-250 पाठ-251 पाठ-252 पाठ-253 पाठ-254 पाठ-255 पाठ-256 पाठ-257 पाठ-258 पाठ-259 पाठ-260 पाठ-261 पाठ-262 पाठ-263 पाठ-264 पाठ-265 पाठ-266 पाठ-267 पाठ-268 पाठ-269 पाठ-270 पाठ-271 पाठ-272 पाठ-273 पाठ-274 पाठ-275 पाठ-276 पाठ-277 पाठ-278 पाठ-279 पाठ-280 पाठ-281 पाठ-282 पाठ-283 पाठ-284 पाठ-285 पाठ-286 पाठ-287 पाठ-288 पाठ-289 पाठ-290 पाठ-291 पाठ-292 पाठ-293 पाठ-294 पाठ-295 पाठ-296 पाठ-297 पाठ-298 पाठ-299 पाठ-300 पाठ-301 पाठ-302 पाठ-303 पाठ-304 पाठ-305 पाठ-306 पाठ-307 पाठ-308 पाठ-309 पाठ-310 पाठ-311 पाठ-312 पाठ-313 पाठ-314 पाठ-315 पाठ-316 पाठ-317 पाठ-318 पाठ-319 पाठ-320 पाठ-321 पाठ-322 पाठ-323 पाठ-324 पाठ-325 पाठ-326 पाठ-327 पाठ-328 पाठ-329 (यही) पाठ-330 पाठ-331 पाठ-332 पाठ-333 पाठ-334 पाठ-335 पाठ-336 पाठ-337 पाठ-338 पाठ-339 पाठ-340 पाठ-341 पाठ-342 पाठ-343 पाठ-344 पाठ-345 पाठ-346 पाठ-347 पाठ-348 पाठ-349 पाठ-350 पाठ-351 पाठ-352 पाठ-353 पाठ-354 पाठ-355 पाठ-356 पाठ-357 पाठ-358 पाठ-359 पाठ-360 पाठ-361 पाठ-362 पाठ-363 पाठ-364 पाठ-365 पाठ-366 पाठ-367 पाठ-368 पाठ-369 पाठ-370 पाठ-371 पाठ-372 पाठ-373 पाठ-374 पाठ-375 पाठ-376 पाठ-377 पाठ-378 पाठ-379 पाठ-380 पाठ-381 पाठ-382 पाठ-383 पाठ-384 पाठ-385 पाठ-386 पाठ-387 पाठ-388 पाठ-389 पाठ-390 पाठ-391 पाठ-392 पाठ-393 पाठ-394 पाठ-395 पाठ-396 पाठ-397 पाठ-398 पाठ-399 पाठ-400 पाठ-401 पाठ-402 पाठ-403 पाठ-404 पाठ-405 पाठ-406 पाठ-407 पाठ-408 पाठ-409 पाठ-410 पाठ-411 पाठ-412 पाठ-413 पाठ-414 पाठ-415 पाठ-416 पाठ-417 पाठ-418 पाठ-419 पाठ-420 पाठ-421 पाठ-422 पाठ-423 पाठ-424 पाठ-425 पाठ-426 पाठ-427 पाठ-428 पाठ-429 पाठ-430 पाठ-431 पाठ-432 पाठ-433 पाठ-434 पाठ-435 पाठ-436 पाठ-437 पाठ-438 पाठ-439 पाठ-440 पाठ-441 पाठ-442 पाठ-443 पाठ-444 पाठ-445 पाठ-446 पाठ-447 पाठ-448 पाठ-449 पाठ-450 पाठ-451 पाठ-452 पाठ-453 पाठ-454 पाठ-455 पाठ-456 पाठ-457 पाठ-458 पाठ-459 पाठ-460 पाठ-461 पाठ-462 पाठ-463 पाठ-464 पाठ-465 पाठ-466 पाठ-467 पाठ-468 पाठ-469 पाठ-470 पाठ-471 पाठ-472 पाठ-473 पाठ-474 पाठ-475 पाठ-476 पाठ-477 पाठ-478 पाठ-479 पाठ-480 पाठ-481 पाठ-482 पाठ-483 पाठ-484 पाठ-485 पाठ-486 पाठ-487 पाठ-488 पाठ-489 पाठ-490 पाठ-491 पाठ-492 पाठ-493 पाठ-494 पाठ-495 पाठ-496 पाठ-497 पाठ-498 पाठ-499 पाठ-500 पाठ-501 पाठ-502 पाठ-503 पाठ-504 पाठ-505 पाठ-506 पाठ-507 पाठ-508 पाठ-509 पाठ-510 पाठ-511 पाठ-512 पाठ-513 पाठ-514 पाठ-515 पाठ-516 पाठ-517 पाठ-518 पाठ-519 पाठ-520 पाठ-521 पाठ-522 पाठ-523 पाठ-524 पाठ-525 पाठ-526 पाठ-527 पाठ-528 पाठ-529 पाठ-530 पाठ-531 पाठ-532 पाठ-533 पाठ-534 पाठ-535 पाठ-536 पाठ-537 पाठ-538 पाठ-539 पाठ-540 पाठ-541 पाठ-542 पाठ-543 पाठ-544 पाठ-545 पाठ-546 पाठ-547 पाठ-548 पाठ-549 पाठ-550 पाठ-551 पाठ-552 पाठ-553 पाठ-554 पाठ-555 पाठ-556 पाठ-557 पाठ-558 पाठ-559 पाठ-560 पाठ-561 पाठ-562 पाठ-563 पाठ-564 पाठ-565 पाठ-566 पाठ-567 पाठ-568 पाठ-569 पाठ-570 पाठ-571 पाठ-572 पाठ-573 पाठ-574 पाठ-575 पाठ-576 पाठ-577 पाठ-578 पाठ-579 पाठ-580 पाठ-581 पाठ-582 पाठ-583 पाठ-584 पाठ-585 पाठ-586 पाठ-587 पाठ-588 पाठ-589 पाठ-590 पाठ-591 पाठ-592 पाठ-593 पाठ-594 पाठ-595 पाठ-596 पाठ-597 पाठ-598 पाठ-599 पाठ-600 पाठ-601 पाठ-602 पाठ-603 पाठ-604 पाठ-605 पाठ-606 पाठ-607 पाठ-608 पाठ-609 पाठ-610 पाठ-611 पाठ-612 पाठ-613 पाठ-614 पाठ-615 पाठ-616 पाठ-617 पाठ-618 पाठ-619 पाठ-620 पाठ-621 पाठ-622 पाठ-623 पाठ-624 पाठ-625 पाठ-626 पाठ-627 पाठ-628 पाठ-629 पाठ-630

पाठ परिचय

पाठ-321-328 में आपने धातु की बुनियादी बनावट, गरमी-प्रबंधन सीखा — आज सबसे आम, सबसे ख़तरनाक दोषों में से एक, हाइड्रोजन (ठंडी) दरार। यह दरार अक्सर वेल्डिंग के तुरंत बाद नहीं, बल्कि घंटों या दिनों बाद, चुपचाप बनती है — इसीलिए यह ख़ासकर ख़तरनाक है।

सीखने का उद्देश्य

इस पाठ के बाद आप: (1) हाइड्रोजन-दरार का कारण समझ पाएँगे, (2) यह "ठंडी दरार" क्यों कहलाती है, यह जान सकेंगे, (3) 7018-छड़ की सुखाई से इसका नाता समझ पाएँगे, (4) इससे बचने के तरीक़े पहचान पाएँगे।

मुख्य बात — देर से आने वाला, छिपा ख़तरा

(1) हाइड्रोजन कहाँ से आता है — नमी, तेल, जंग से। पाठ-269 की सीख — नम इलेक्ट्रोड-कोटिंग, धातु की सतह पर नमी-तेल-जंग, यह सब हाइड्रोजन का स्रोत बन सकते हैं, जो वेल्डिंग की गरमी में धातु के भीतर घुल जाता है।

(2) "ठंडी दरार" क्यों — देर से, ठंडा होने के बाद बनती है। यह दरार वेल्डिंग के तुरंत बाद नहीं, बल्कि जोड़ पूरी तरह ठंडा होने के बाद, कभी-कभी 24-48 घंटे बाद भी बन सकती है — इसीलिए इसे "डिलेड क्रैकिंग" (देरी से आने वाली दरार) भी कहा जाता है।

(3) कैसे बनती है — हाइड्रोजन, कठोर बनावट, और तनाव, तीनों मिलकर। ठंडा होने पर, घुला हाइड्रोजन धातु की सख़्त, भंगुर जगहों (ख़ासकर HAZ, पाठ-323 की सीख) में इकट्ठा होकर दबाव बनाता है — साथ में अवशिष्ट तनाव (पाठ-332) मिलकर, धीरे-धीरे एक बारीक़ दरार बना देते हैं।

(4) 7018-छड़ और सुखाई की जड़ — क्यों यह इतना अहम है। 7018 जैसी "लो-हाइड्रोजन" छड़ें ख़ासकर इसलिए बनाई जाती हैं, ताकि हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा कम हो — पर अगर यह छड़ नम हो जाए (पाठ-378 में विस्तार से), तो इसका पूरा फ़ायदा खो जाता है, और यह सामान्य छड़ से भी ज़्यादा ख़तरनाक बन सकती है।

(5) रोकथाम — सूखी छड़, सही प्रीहीट-इंटरपास, धीमी ठंडक। सूखी, सही रखी गई छड़ (पाठ-269), सही प्रीहीट-इंटरपास तापमान (पाठ-326-327), और वेल्डिंग के बाद पोस्ट-हीट (पाठ-328) — यह सब मिलकर हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा बहुत कम कर देते हैं।

(6) कहाँ ख़ासकर ख़तरनाक — मोटी, उच्च-कार्बन-तुल्यांक धातु। पाठ-325 की CE-सीख — जितनी ज़्यादा कार्बन-तुल्यांक, धातु उतनी ही सख़्त, भंगुर बनावट लेती है, और हाइड्रोजन-दरार का ख़तरा उतना ही बढ़ता है।

हाइड्रोजन (ठंडी) दरार इस कोर्स की सबसे धोखेबाज़ बीमारी है — यह आर्क के सामने नहीं, घंटों-दिनों बाद खुलती है (इसीलिए 'delayed crack'), और खुलती वहाँ है जहाँ आप देख चुके होते हैं: HAZ की कठोर पट्टी में, माला के बग़ल; इसका जन्म-सूत्र तीन शर्तों की तिकड़ी है — हाइड्रोजन + कठोर बनावट + खिंचाव-तनाव: तीनों मिलें तभी दरार, एक भी घटाओ तो ज़ंजीर टूटी। तीनों शर्तें अपने पाठों से जोड़िए: हाइड्रोजन कहाँ से — नमी की हर सूरत: भीगी-फफूँदी छड़ (पाठ-110 की 7018-कथा), गीला-जंग लगा माल, ओस-पसीना, गीला फ्लक्स (पाठ-312), तेल-पेंट की जलन — आर्क की भट्टी में पानी टूटकर हाइड्रोजन बनता है और पिघले तालाब में घुल जाता है; जमने पर वह नन्हे-नन्हे रूप में धातु के भीतर भटकता है और कठोर-भंगुर पट्टी की गलियों (दाना-सीमाओं — पाठ-321) में जमा होकर भीतर से 'फोड़ने' का दबाव बनाता है। कठोर बनावट कहाँ से — ऊँचा CE + तेज़ ठंडक (पाठ 324-325): वही छन्न-पट्टी। खिंचाव कहाँ से — सिकुड़न-तनाव (पाठ-135 की पुरानी कथा) + जकड़ा जोड़ + मोटा नाप। और अब रोक की पूरी ज़ंजीर एक साँस में पढ़िए — यही पूरे कोर्स की बिखरी रस्मों का महा-जोड़ है: सूखी 7018 (गरम-बक्सा — हाइड्रोजन घटा), साफ़-सूखा माल (सफ़ाई-रस्में), low-hydrogen रीति, प्रीहीट (ठंडक धीमी = कठोर पट्टी नरम — पाठ-326), इंटरपास-अनुशासन (327), पोस्ट-हीट+धीमी ठंडक (328 — घुले हाइड्रोजन को गरमाहट में 'भाग निकलने' की मोहलत), और जकड़न-क्रम की समझ (तनाव घटा)। गाँठ: 7018 की सुखाई वाला पहला नियम जो आपने रटा था, आज उसका पूरा विज्ञान आपके हाथ में है — रस्म अब आस्था नहीं, ज़ंजीर-तोड़ हथियार है।

चित्र से समझिए

दरार-1 — हाइड्रोजन (ठंडी) दरार— 7018 और सुखाई की जड़*(चित्र-विवरण: हाइड्रोजन-दरार तीन कारणों— हाइड्रोजन, सख़्त बनावट, तनाव — केमिलने से, अक्सर वेल्डिंग के घंटों बाद,चुपचाप बनती है।)*याद रखें✓ हाइड्रोजन-दरार तीन कारणों से बनती है — हाइड्रोजन, सख़्त बनावट, तनाव · यह "ठंडीहिस्सा-9 · पाठ 329 / 630 · टैग (K)
*(चित्र-विवरण: हाइड्रोजन-दरार तीन कारणों — हाइड्रोजन, सख़्त बनावट, तनाव — के मिलने से, अक्सर वेल्डिंग के घंटों बाद, चुपचाप बनती है।)*

*(चित्र-विवरण: हाइड्रोजन-दरार तीन कारणों — हाइड्रोजन, सख़्त बनावट, तनाव — के मिलने से, अक्सर वेल्डिंग के घंटों बाद, चुपचाप बनती है।)*

आसान भाषा में समझिए

गीली दीवार पर तुरंत पेंट करने से कुछ समय बाद पपड़ी उतर सकती है, हालाँकि पेंट करते वक़्त सब ठीक दिखता है — नुक़सान देर से सामने आता है। हाइड्रोजन-दरार भी वैसी ही एक "देर से दिखने वाली" समस्या है — वेल्डिंग के वक़्त सब ठीक लगता है, पर छिपा ख़तरा बाद में सामने आता है।

असली उदाहरण — नम छड़ ने दिया धोखा

एक वेल्डर ने 7018-छड़ इस्तेमाल की, जो कई दिनों से खुली, नम जगह में रखी थी — वेल्डिंग के वक़्त जोड़ बिल्कुल ठीक दिखा। दो दिन बाद, जोड़ में एक बारीक़ दरार मिली। पर्यवेक्षक ने समझाया — "7018 का फ़ायदा तभी है जब वह सूखी हो — नम 7018, सामान्य छड़ से भी ज़्यादा जोखिम भरी हो सकती है।" इसके बाद, छड़ हमेशा रॉड-ओवन में रखी जाने लगी।

AI के साथ अभ्यास

ACS के AI साथी से कहिए: "हाइड्रोजन-दरार पर मेरी परीक्षा लो — (क) यह "ठंडी दरार" क्यों कहलाती है, (ख) यह कैसे बनती है, (ग) 7018-सुखाई का क्या महत्व है; फिर मुझसे पूछो कि इससे बचने के तीन तरीक़े क्या हैं।" AI सलाह है, फ़ैसला नहीं।

आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)

(1) डायरी में हाइड्रोजन-दरार बनने के तीन कारण लिखिए। (2) पाठ-269 की छड़-भंडारण सीख को दोबारा याद कीजिए। (3) सोचिए कि आपकी वर्कशॉप में छड़ें कैसे रखी जाती हैं। (4) यह जानकारी डायरी में दर्ज कीजिए।

आम गलतियाँ

(1) वेल्डिंग के तुरंत बाद जोड़ को "पूरी तरह सही" मान लेना, बिना यह सोचे कि दरार बाद में आ सकती है। (2) नम 7018-छड़ को सामान्य समझकर इस्तेमाल करना। (3) प्रीहीट-इंटरपास-पोस्ट-हीट को नज़रअंदाज़ करना। (4) मोटी, उच्च-कार्बन-तुल्यांक धातु में अतिरिक्त सावधानी न बरतना।

ठंडी-दरार मेज़ की चार ठोकरें — चारों 'देर से खुलने' के धोखे से जन्मती हैं। पहली: 'जोड़ तो बढ़िया बना था' का भरोसा — शाम की चमकती माला देखकर उसी शाम जाँच-मुहर: ठंडी दरार की घड़ी अभी चल रही थी; इसीलिए ज़िम्मेदार जगत मोटे/ऊँचे-CE जोड़ों की अंतिम जाँच जान-बूझकर ठहरकर करता है (जोड़ को 'रात गुज़ारने' देना) — आपकी दुकान-रीति भी यही बने: मोटा-जकड़ा ज़िम्मेदार जोड़ = अगले दिन की दोबारा-VT उसकी पर्ची का हिस्सा। दूसरी: सुखाई-रस्म को 'पुराने लोगों का वहम' कहना — खुले डिब्बे की 7018 से मोटा जोड़: तिकड़ी की पहली शर्त ख़ुद परोसी; गरम-बक्सा-अनुशासन (पाठ-110/269) ठंडी-दरार का सबसे सस्ता तोड़ है — और 'छड़ तो जल ही रही है' कोई गवाही नहीं: हाइड्रोजन जलते हुए दिखता नहीं। तीसरी: दरार दिखी तो 'ऊपर से टाँका फेर दो' — बिना जड़-इलाज की मरम्मत वही तिकड़ी दोबारा बिछाती है (अक्सर पहले से बदतर — नई गरमी, नया तनाव): सही रस्म — दरार की पूरी खुदाई-पुष्टि (छोर तक: घिसाई+जाँच), फिर सही रीति (सूखी छड़/प्रीहीट/पोस्ट-हीट) से भराई — और जड़-पर्ची: तिकड़ी की कौन-सी शर्त कहाँ से आई थी। चौथी: सब जोड़ों पर एक-सा डर/एक-सी बेफ़िक्री — पतले माइल्ड की टिन-टपरी पर ठंडी-दरार का भूत नहीं (कठोर-पट्टी बनती ही नहीं), और मोटे अनजान-कबाड़ पर बेफ़िक्री जुआ: तीन-सदस्य बेंच (पाठ-325) से जोखिम तौलना ही समझ है — डर और बेफ़िक्री दोनों अनपढ़ हैं, नाप पढ़ा-लिखा है। परीक्षा-गतिविधि: अपनी पिछली तोड़-अदालतों (व दुकान-किनारे के टूटे जोड़ों) में 'माला-बग़ल की देर-वाली टूट' ढूँढ़िए — मिले तो उसकी तिकड़ी-कहानी उलटकर लिखिए: हाइड्रोजन कहाँ से आया होगा, कठोरता क्यों बनी, खिंचाव किसने दिया — यह उलटी-जासूसी ही धातुविज्ञान का असली इम्तिहान है, और अगला पाठ (330) इसी की अगली बीमारी (गरम दरार) की फ़ाइल खोलेगा।

सावधानियाँ

यह पाठ पढ़ने-समझने का है, कोई विशेष वेल्डिंग-सावधानी नहीं।

तेज़ दोहराव

हाइड्रोजन-दरार तीन कारणों से बनती है — हाइड्रोजन, सख़्त बनावट, तनाव · यह "ठंडी दरार" है, घंटों-दिनों बाद बन सकती है · नम 7018-छड़ सामान्य से भी ज़्यादा ख़तरनाक हो सकती है · सूखी छड़, सही तापमान, धीमी ठंडक — रोकथाम के तीन क़दम · मोटी, उच्च-CE धातु में ख़तरा ज़्यादा।

छोटी परीक्षा (Quiz)

(1) हाइड्रोजन कहाँ से आता है? (2) यह "ठंडी दरार" क्यों कहलाती है? (3) हाइड्रोजन-दरार कैसे बनती है? (4) नम 7018-छड़ क्यों ख़तरनाक है? (5) इससे बचने के क्या तरीक़े हैं?

पाठ का सार (Chapter Summary)

हाइड्रोजन-दरार नमी-तेल-जंग से आए हाइड्रोजन, धातु की सख़्त बनावट, और अवशिष्ट तनाव — तीनों के मिलने से बनती है, अक्सर वेल्डिंग के घंटों या दिनों बाद, चुपचाप। 7018 जैसी लो-हाइड्रोजन छड़ें इस ख़तरे को कम करने के लिए बनी हैं, पर नम होने पर यह फ़ायदा खो सकता है। सूखी छड़, सही प्रीहीट-इंटरपास तापमान, और धीमी ठंडक — यह तीनों मिलकर रोकथाम करते हैं।

आगे क्या सीखें

सबसे आम, ख़तरनाक दरार की समझ बनी। अगला पाठ (330) दरार-2 — गरम दरार — सल्फ़र, क्रेटर — जहाँ आप एक और तरह की दरार सीखेंगे।

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वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —

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(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)