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पाठ-241: GMAW ग्रूव 1G/2G
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पाठ परिचय
पाठ-119-120 में आपने SMAW से 1G (समतल) और 2G (आड़ा) ग्रूव-जोड़ बनाना सीखा था — आज उसी काम को GMAW से करेंगे, GMAW ग्रूव 1G/2G। ग्रूव-जोड़ फ़िलेट से ज़्यादा गहराई, ज़्यादा सटीक फ़िट-अप (हिस्सा-5 की सीख) माँगते हैं — GMAW के साथ यह चुनौती और भी गहरी सटीकता माँगती है।
सीखने का उद्देश्य
इस पाठ के बाद आप: (1) GMAW से 1G ग्रूव बनाना सीखेंगे, (2) 2G की ख़ास तकनीक समझ पाएँगे, (3) रूट-पास के लिए सही सेटिंग जान सकेंगे, (4) मल्टीपास (कई परत) तकनीक GMAW में लागू कर पाएँगे।
मुख्य बात — गहराई और परतों की सटीकता
(1) 1G — समतल ग्रूव, सबसे आसान शुरुआत। दोनों टुकड़े समतल रखे जाते हैं, जोड़ ऊपर की तरफ़ खुला — यह GMAW-ग्रूव सीखने की सबसे सरल, पहली स्थिति है, जहाँ रूट-गैप और रूट-फ़ेस (पाठ-185) की सीख फिर से काम आती है।
(2) रूट-पास — पहली, सबसे नाज़ुक परत। पाठ-103 में सीखा — रूट-पास जोड़ की जान है — GMAW में यह ख़ासकर छोटे स्टिक-आउट (पाठ-238) और सही धातु-स्थानांतरण (अक्सर शॉर्ट-सर्किट) से सावधानी से किया जाता है, ताकि जड़ तक सही पैठ मिले, बिना बर्न-थ्रू के।
(3) रूट-पास के बाद — फ़िल और कैप पास। पाठ-104 की सीख — रूट-पास के बाद, फ़िल-पास (भरना) और कैप-पास (ऊपर ढँकना) से जोड़ पूरा किया जाता है — GMAW में यह प्रक्रिया अक्सर SMAW से तेज़, कम रुकावट के साथ चलती है।
(4) 2G — आड़ा ग्रूव, गुरुत्वाकर्षण की सावधानी। पाठ-120 की सीख — यहाँ जोड़ आड़ा, खड़ी सतह पर होता है — पिघली धातु के नीचे खिसकने का ख़तरा रहता है, इसलिए गन-कोण और गति में अतिरिक्त सावधानी चाहिए।
(5) परतों के बीच सफ़ाई — GMAW में भी ज़रूरी। हालाँकि GMAW में SMAW जैसा भारी स्लैग नहीं बनता, फिर भी हर परत के बाद छींटे और हल्की सतही गंदगी साफ़ करनी चाहिए (पाठ-145 की सीख का हल्का रूप), ताकि अगली परत साफ़, मज़बूत जुड़े।
(6) पुरानी फ़िट-अप सीढ़ी — अब भी पूरी लागू। पाठ-183 की आठ-क़दम फ़िट-अप सीढ़ी — नापो, निशान, काटो, बैठाओ, टैक, सीधा करो, वेल्ड, जाँचो — GMAW-ग्रूव में भी पूरी तरह लागू होती है, सिर्फ़ "वेल्ड" वाला क़दम अब GMAW तकनीक से होता है।
GMAW का 1G/2G ग्रूव वही पुरानी ज्यामिति है (पाठ 119-120) — बेवल, जड़-फ़ासला, परत-योजना सब क़ायम; नया पाठ यह है कि तार-मशीन की जड़-परत का अपना मिज़ाज है, और 2G की 'छत-दीवार' घात यहाँ रफ़्तार के साथ आती है। 1G: जड़-परत शॉर्ट-सर्किट के क़ाबू में (पाठ-234 का 'जड़-पास का दोस्त') — कीहोल की वही पुरानी आँख (पाठ-126), बस हाथ की भाषा बदली: छड़ की जगह तार का निशाना फ़ासले की झिर्री पर, स्टिक-आउट जड़ा, और चाल इतनी कि कीहोल छोटा ताला-छेद बना रहे — बड़ा हुआ तो burn-through (GMAW में यह पतली जड़ पर SMAW से भी फुर्तीला आता है); भराई-परतें फिर घर-सेटिंग/ऊपर के मोड पर — मोटी प्लेट की भराई में स्प्रे (पाठ-235) यहाँ अपने असली घर में है, पर सिर्फ़ समतल में। परतों के बीच वही सिलिका-टापू झाड़ना (पाठ-239) और हर परत की अपनी VT। 2G: टाँका कमर की आड़ी पट्टी — गुरुत्व ऊपरी बेवल से धातु नीचे लुढ़काना चाहता है (पाठ-120 की वही घात); GMAW-इलाज: गन की सीध हल्की ऊपर-उठी (ऊपरी किनारे को गरमी की ख़ुराक), मोड क़ाबू वाला (स्प्रे यहाँ भी नहीं — आड़ी स्थिति उसका घर नहीं), परतें पतली-अनेक — मोटी एक के लालच की जगह; और stringer-लकीरें (बिना झूल की सीधी पतली) 2G की चाल हैं — झूल यहाँ धातु को लुढ़कने का समय देती है। जड़ पलटकर पढ़ना (पाठ-125) दोनों में अंतिम मुहर: चाँदी-रेखा बराबर = जड़ सच्ची।
चित्र से समझिए
*(चित्र-विवरण: 1G-2G ग्रूव में रूट-पास सबसे नाज़ुक क़दम है — छोटा स्टिक-आउट और सावधान धातु-स्थानांतरण जड़ तक सही, मज़बूत पैठ सुनिश्चित करते हैं।)*
आसान भाषा में समझिए
दीवार में गहरी दरार भरने वाला मिस्त्री पहले सबसे भीतरी, बुनियादी परत बहुत सावधानी से भरता है, तभी ऊपर की परतें जल्दी-जल्दी लगाता है — बुनियाद ग़लत हो तो सब कुछ कमज़ोर रहेगा। GMAW-ग्रूव में भी रूट-पास वही बुनियादी, सबसे ज़रूरी परत है।
असली उदाहरण — सावधान रूट-पास ने बनाई मज़बूत जड़
एक छात्र ने रूट-पास में जल्दबाज़ी की, बड़ा स्टिक-आउट रखा — जड़ तक ठीक से पैठ नहीं बनी, कमज़ोर जोड़ बना। उस्ताद ने स्टिक-आउट छोटा करके, धीमी, सावधान गति से रूट-पास दोबारा करवाया। इस बार जड़ मज़बूत, गहरी बनी। उस्ताद ने कहा — "रूट-पास पर लगाया गया अतिरिक्त समय, बाक़ी पूरे जोड़ की मज़बूती तय करता है।"
AI के साथ अभ्यास
ACS के AI साथी से कहिए: "GMAW ग्रूव 1G/2G पर मेरी परीक्षा लो — (क) रूट-पास इतना ज़रूरी क्यों है, (ख) 2G में क्या सावधानी चाहिए, (ग) फ़िट-अप सीढ़ी यहाँ कैसे लागू होती है; फिर मुझसे पूछो कि मेरे अभ्यास में रूट-पास कैसा बना।" AI सलाह है, फ़ैसला नहीं — असली अभ्यास आगे उस्ताद की निगरानी में।
आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)
(1) डायरी में 1G और 2G के फ़र्क़ का चित्र बनाइए। (2) रूट-पास, फ़िल-पास, कैप-पास का क्रम लिखिए। (3) पाठ-183 की फ़िट-अप सीढ़ी को याद करके, यहाँ कैसे लागू होती है, समझाइए। (4) यह जानकारी डायरी में दर्ज कीजिए।
आम गलतियाँ
(1) रूट-पास में जल्दबाज़ी करना, बड़ा स्टिक-आउट रखना। (2) परतों के बीच सफ़ाई न करना। (3) 2G में टपकाव-बचाव की सावधानी न बरतना। (4) फ़िट-अप सीढ़ी के क़दमों को छोड़ना। (5) रूट-पास पूरा होने से पहले ही अगली परत की जल्दी करना, बिना पहली परत की ठंडक और मज़बूती अच्छी तरह, पूरे धैर्य से जाँचे।
GMAW-ग्रूव की चार ठोकरें — दो जड़ की, दो भराई की। पहली: जड़-परत स्प्रे/गरम सेटिंग पर — 'भराई वाली सेटिंग चढ़ी थी, चला दी': पतले फ़ासले पर गरम मोड यानी जलती-बहती जड़ या आर-पार छेद; नियम बाँध लीजिए — ग्रूव में मोड/सेटिंग परत-दर-परत बदलती है: जड़ ठंडे क़ाबू में, भराई गरम भूख में (मशीन की memory/चॉक-पर्ची पर दोनों जोड़ियाँ लिखिए — पाठ-233 की आदत)। दूसरी: कीहोल की जगह आवाज़ पर भरोसा — GMAW की चटचटाहट जड़ में भी गाती रहती है, पर जड़ की सच्चाई आँख का कीहोल है: आवाज़ सही + कीहोल ग़ायब = फ़ासला भिंचा (पाठ-185 की फ़िट-अप जड़ें यहाँ वसूली माँगती हैं)। तीसरी: 2G में मोटी परत का लालच — तार तेज़ भरता है, तो एक मोटी परत में काम निपटाने का मन करता है; लुढ़की धातु ऊपरी बेवल पर अंडरकट और निचले पर ओवरलैप की जुड़वाँ निशानी छोड़ती है (पाठ-120 का वही जोड़ा) — पतली-अनेक ही 2G का धर्म है। चौथी: भराई की रफ़्तार में किनारों की भूख अनदेखी — ग्रूव की दीवारें फ़िलेट की दीवारों से ठंडी होती हैं (मोटी धातु गरमी पीती है): हर परत के किनारे पर पल-भर की साँस, वरना दीवार-रेखा पर बारीक बिना-गलाव की सुरंग बनती चलती है जो बेंड-परीक्षा (पाठ-148 की दिशा) में ही खुलती है। अभ्यास: एक 1G-कूपन जड़-गवाही समेत + एक 2G-कूपन stringer-रीति से — दोनों पर परत-नक़्शा चॉक से पहले (पाठ-139 की योजना-आदत); GMAW की रफ़्तार योजना की जगह नहीं लेती — योजना को तेज़ करती है।
सावधानियाँ
यह अभ्यास हमेशा उस्ताद की सीधी निगरानी में करें, हिस्सा-1 के पूरे सुरक्षा-नियमों के साथ।
तेज़ दोहराव
1G = समतल, सबसे आसान · रूट-पास = सबसे नाज़ुक, छोटा स्टिक-आउट, सावधान गति · फ़िल-कैप पास GMAW में तेज़ चलता है · 2G = आड़ा, टपकाव-बचाव ज़रूरी · फ़िट-अप सीढ़ी (183) पूरी तरह लागू।
छोटी परीक्षा (Quiz)
(1) 1G ग्रूव में जोड़ किस स्थिति में होता है? (2) रूट-पास इतना ज़रूरी क्यों है? (3) 2G में क्या ख़तरा रहता है? (4) परतों के बीच क्या करना चाहिए? (5) फ़िट-अप सीढ़ी GMAW-ग्रूव में कैसे लागू होती है?
पाठ का सार (Chapter Summary)
GMAW से 1G (समतल) ग्रूव-जोड़ में रूट-पास सबसे नाज़ुक क़दम है, जिसमें छोटा स्टिक-आउट और सावधान, अक्सर शॉर्ट-सर्किट धातु-स्थानांतरण इस्तेमाल होता है। फ़िल-पास और कैप-पास से जोड़ पूरा किया जाता है। 2G (आड़ा) में पिघली धातु के टपकने से बचाव ज़रूरी है। पाठ-183 की फ़िट-अप सीढ़ी यहाँ भी पूरी तरह, बिना किसी क़दम छोड़े, धैर्य के साथ लागू होती है।
आगे क्या सीखें
GMAW-ग्रूव की पहली दो स्थितियाँ सीख लीं। अगला पाठ (242) GMAW ग्रूव 3G/4G — जहाँ आप ग्रूव की सबसे मुश्किल स्थितियाँ सीखेंगे।
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वीडियो (Video)
इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —
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(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)
