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पाठ-19: सुरक्षा-चिह्न पहचानो — दीवारों की भाषा

पढ़ाई का समय: 11-13 मिनट · पाठ 19 / 630 · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

📖 कोर्स-परिचय

📚 सब पाठ — किसी भी पाठ पर सीधे जाओ
पाठ-1 पाठ-2 पाठ-3 पाठ-4 पाठ-5 पाठ-6 पाठ-7 पाठ-8 पाठ-9 पाठ-10 पाठ-11 पाठ-12 पाठ-13 पाठ-14 पाठ-15 पाठ-16 पाठ-17 पाठ-18 पाठ-19 (यही) पाठ-20 पाठ-21 पाठ-22 पाठ-23 पाठ-24 पाठ-25 पाठ-26 पाठ-27 पाठ-28 पाठ-29 पाठ-30 पाठ-31 पाठ-32 पाठ-33 पाठ-34 पाठ-35 पाठ-36 पाठ-37 पाठ-38 पाठ-39 पाठ-40 पाठ-41 पाठ-42 पाठ-43 पाठ-44 पाठ-45 पाठ-46 पाठ-47 पाठ-48 पाठ-49 पाठ-50 पाठ-51 पाठ-52 पाठ-53 पाठ-54 पाठ-55 पाठ-56 पाठ-57 पाठ-58 पाठ-59 पाठ-60 पाठ-61 पाठ-62 पाठ-63 पाठ-64 पाठ-65 पाठ-66 पाठ-67 पाठ-68 पाठ-69 पाठ-70 पाठ-71 पाठ-72 पाठ-73 पाठ-74 पाठ-75 पाठ-76 पाठ-77 पाठ-78 पाठ-79 पाठ-80 पाठ-81 पाठ-82 पाठ-83 पाठ-84 पाठ-85 पाठ-86 पाठ-87 पाठ-88 पाठ-89 पाठ-90 पाठ-91 पाठ-92 पाठ-93 पाठ-94 पाठ-95 पाठ-96 पाठ-97 पाठ-98 पाठ-99 पाठ-100 पाठ-101 पाठ-102 पाठ-103 पाठ-104 पाठ-105 पाठ-106 पाठ-107 पाठ-108 पाठ-109 पाठ-110 पाठ-111 पाठ-112 पाठ-113 पाठ-114 पाठ-115 पाठ-116 पाठ-117 पाठ-118 पाठ-119 पाठ-120 पाठ-121 पाठ-122 पाठ-123 पाठ-124 पाठ-125 पाठ-126 पाठ-127 पाठ-128 पाठ-129 पाठ-130 पाठ-131 पाठ-132 पाठ-133 पाठ-134 पाठ-135 पाठ-136 पाठ-137 पाठ-138 पाठ-139 पाठ-140 पाठ-141 पाठ-142 पाठ-143 पाठ-144 पाठ-145 पाठ-146 पाठ-147 पाठ-148 पाठ-149 पाठ-150 पाठ-151 पाठ-152 पाठ-153 पाठ-154 पाठ-155 पाठ-156 पाठ-157 पाठ-158 पाठ-159 पाठ-160 पाठ-161 पाठ-162 पाठ-163 पाठ-164 पाठ-165 पाठ-166 पाठ-167 पाठ-168 पाठ-169 पाठ-170 पाठ-171 पाठ-172 पाठ-173 पाठ-174 पाठ-175 पाठ-176 पाठ-177 पाठ-178 पाठ-179 पाठ-180 पाठ-181 पाठ-182 पाठ-183 पाठ-184 पाठ-185 पाठ-186 पाठ-187 पाठ-188 पाठ-189 पाठ-190 पाठ-191 पाठ-192 पाठ-193 पाठ-194 पाठ-195 पाठ-196 पाठ-197 पाठ-198 पाठ-199 पाठ-200 पाठ-201 पाठ-202 पाठ-203 पाठ-204 पाठ-205 पाठ-206 पाठ-207 पाठ-208 पाठ-209 पाठ-210 पाठ-211 पाठ-212 पाठ-213 पाठ-214 पाठ-215 पाठ-216 पाठ-217 पाठ-218 पाठ-219 पाठ-220 पाठ-221 पाठ-222 पाठ-223 पाठ-224 पाठ-225 पाठ-226 पाठ-227 पाठ-228 पाठ-229 पाठ-230 पाठ-231 पाठ-232 पाठ-233 पाठ-234 पाठ-235 पाठ-236 पाठ-237 पाठ-238 पाठ-239 पाठ-240 पाठ-241 पाठ-242 पाठ-243 पाठ-244 पाठ-245 पाठ-246 पाठ-247 पाठ-248 पाठ-249 पाठ-250 पाठ-251 पाठ-252 पाठ-253 पाठ-254 पाठ-255 पाठ-256 पाठ-257 पाठ-258 पाठ-259 पाठ-260 पाठ-261 पाठ-262 पाठ-263 पाठ-264 पाठ-265 पाठ-266 पाठ-267 पाठ-268 पाठ-269 पाठ-270 पाठ-271 पाठ-272 पाठ-273 पाठ-274 पाठ-275 पाठ-276 पाठ-277 पाठ-278 पाठ-279 पाठ-280 पाठ-281 पाठ-282 पाठ-283 पाठ-284 पाठ-285 पाठ-286 पाठ-287 पाठ-288 पाठ-289 पाठ-290 पाठ-291 पाठ-292 पाठ-293 पाठ-294 पाठ-295 पाठ-296 पाठ-297 पाठ-298 पाठ-299 पाठ-300 पाठ-301 पाठ-302 पाठ-303 पाठ-304 पाठ-305 पाठ-306 पाठ-307 पाठ-308 पाठ-309 पाठ-310 पाठ-311 पाठ-312 पाठ-313 पाठ-314 पाठ-315 पाठ-316 पाठ-317 पाठ-318 पाठ-319 पाठ-320 पाठ-321 पाठ-322 पाठ-323 पाठ-324 पाठ-325 पाठ-326 पाठ-327 पाठ-328 पाठ-329 पाठ-330 पाठ-331 पाठ-332 पाठ-333 पाठ-334 पाठ-335 पाठ-336 पाठ-337 पाठ-338 पाठ-339 पाठ-340 पाठ-341 पाठ-342 पाठ-343 पाठ-344 पाठ-345 पाठ-346 पाठ-347 पाठ-348 पाठ-349 पाठ-350 पाठ-351 पाठ-352 पाठ-353 पाठ-354 पाठ-355 पाठ-356 पाठ-357 पाठ-358 पाठ-359 पाठ-360 पाठ-361 पाठ-362 पाठ-363 पाठ-364 पाठ-365 पाठ-366 पाठ-367 पाठ-368 पाठ-369 पाठ-370 पाठ-371 पाठ-372 पाठ-373 पाठ-374 पाठ-375 पाठ-376 पाठ-377 पाठ-378 पाठ-379 पाठ-380 पाठ-381 पाठ-382 पाठ-383 पाठ-384 पाठ-385 पाठ-386 पाठ-387 पाठ-388 पाठ-389 पाठ-390 पाठ-391 पाठ-392 पाठ-393 पाठ-394 पाठ-395 पाठ-396 पाठ-397 पाठ-398 पाठ-399 पाठ-400 पाठ-401 पाठ-402 पाठ-403 पाठ-404 पाठ-405 पाठ-406 पाठ-407 पाठ-408 पाठ-409 पाठ-410 पाठ-411 पाठ-412 पाठ-413 पाठ-414 पाठ-415 पाठ-416 पाठ-417 पाठ-418 पाठ-419 पाठ-420 पाठ-421 पाठ-422 पाठ-423 पाठ-424 पाठ-425 पाठ-426 पाठ-427 पाठ-428 पाठ-429 पाठ-430 पाठ-431 पाठ-432 पाठ-433 पाठ-434 पाठ-435 पाठ-436 पाठ-437 पाठ-438 पाठ-439 पाठ-440 पाठ-441 पाठ-442 पाठ-443 पाठ-444 पाठ-445 पाठ-446 पाठ-447 पाठ-448 पाठ-449 पाठ-450 पाठ-451 पाठ-452 पाठ-453 पाठ-454 पाठ-455 पाठ-456 पाठ-457 पाठ-458 पाठ-459 पाठ-460 पाठ-461 पाठ-462 पाठ-463 पाठ-464 पाठ-465 पाठ-466 पाठ-467 पाठ-468 पाठ-469 पाठ-470 पाठ-471 पाठ-472 पाठ-473 पाठ-474 पाठ-475 पाठ-476 पाठ-477 पाठ-478 पाठ-479 पाठ-480 पाठ-481 पाठ-482 पाठ-483 पाठ-484 पाठ-485 पाठ-486 पाठ-487 पाठ-488 पाठ-489 पाठ-490 पाठ-491 पाठ-492 पाठ-493 पाठ-494 पाठ-495 पाठ-496 पाठ-497 पाठ-498 पाठ-499 पाठ-500 पाठ-501 पाठ-502 पाठ-503 पाठ-504 पाठ-505 पाठ-506 पाठ-507 पाठ-508 पाठ-509 पाठ-510 पाठ-511 पाठ-512 पाठ-513 पाठ-514 पाठ-515 पाठ-516 पाठ-517 पाठ-518 पाठ-519 पाठ-520 पाठ-521 पाठ-522 पाठ-523 पाठ-524 पाठ-525 पाठ-526 पाठ-527 पाठ-528 पाठ-529 पाठ-530 पाठ-531 पाठ-532 पाठ-533 पाठ-534 पाठ-535 पाठ-536 पाठ-537 पाठ-538 पाठ-539 पाठ-540 पाठ-541 पाठ-542 पाठ-543 पाठ-544 पाठ-545 पाठ-546 पाठ-547 पाठ-548 पाठ-549 पाठ-550 पाठ-551 पाठ-552 पाठ-553 पाठ-554 पाठ-555 पाठ-556 पाठ-557 पाठ-558 पाठ-559 पाठ-560 पाठ-561 पाठ-562 पाठ-563 पाठ-564 पाठ-565 पाठ-566 पाठ-567 पाठ-568 पाठ-569 पाठ-570 पाठ-571 पाठ-572 पाठ-573 पाठ-574 पाठ-575 पाठ-576 पाठ-577 पाठ-578 पाठ-579 पाठ-580 पाठ-581 पाठ-582 पाठ-583 पाठ-584 पाठ-585 पाठ-586 पाठ-587 पाठ-588 पाठ-589 पाठ-590 पाठ-591 पाठ-592 पाठ-593 पाठ-594 पाठ-595 पाठ-596 पाठ-597 पाठ-598 पाठ-599 पाठ-600 पाठ-601 पाठ-602 पाठ-603 पाठ-604 पाठ-605 पाठ-606 पाठ-607 पाठ-608 पाठ-609 पाठ-610 पाठ-611 पाठ-612 पाठ-613 पाठ-614 पाठ-615 पाठ-616 पाठ-617 पाठ-618 पाठ-619 पाठ-620 पाठ-621 पाठ-622 पाठ-623 पाठ-624 पाठ-625 पाठ-626 पाठ-627 पाठ-628 पाठ-629 पाठ-630

पाठ परिचय

अब तक की पढ़ाई आपकी अपनी दुकान की थी। पर इस कोर्स का रास्ता (कोर्स-परिचय याद कीजिए) आगे नौकरी और बड़े काम की ओर भी जाता है — और कल जब आप किसी बड़े कारख़ाने के फाटक से भीतर घुसेंगे, तो एक चीज़ सबसे पहले दिखेगी: दीवारों, खंभों, दरवाज़ों पर टँगे रंग-बिरंगे चिह्न।

ये सजावट नहीं हैं। यह कारख़ाने की भाषा है — दीवारें इन्हीं में बोलती हैं: "यहाँ मत जाओ," "आगे ख़तरा है," "मदद यहाँ मिलेगी," "यह पहनकर ही घुसो।" जो कर्मी यह भाषा पढ़ लेता है, उसके लिए पूरा कारख़ाना क़दम-क़दम पर बोर्ड लगाए खड़ा है; जो नहीं पढ़ता, उसके लिए वही कारख़ाना गूँगा और ख़तरनाक है।

अच्छी ख़बर — इस पूरी भाषा की वर्णमाला सिर्फ़ चार रंग हैं। और उसका आधा हिस्सा आप बचपन से जानते हैं। आज पूरी भाषा।

सीखने का उद्देश्य

इस पाठ को पूरा करने के बाद आप तीन चीज़ें जान जाएँगे:

1. चार रंगों की वर्णमाला — लाल = मना/आग · पीला = सावधान · हरा = सुरक्षित रास्ता/मदद · नीला = ज़रूरी आदेश।
2. तीन आकारों का व्याकरण — कटा गोल घेरा = मत करो · तिकोना = चौकन्ना · चौकोर हरा = मदद यहाँ।
3. अपनी दुकान में कम-से-कम दो चिह्न लगाने की शुरुआत।

मुख्य बात — चार रंग, तीन आकार

पहले रंगों की वर्णमाला:

🔴 लाल = मना, या आग। लाल दो काम करता है — निषेध (यह काम/रास्ता मना है — जैसे कटे घेरे में बीड़ी = धूम्रपान मना) और आग का साज़ (आग बुझाने का यंत्र, आग की घंटी — इनकी जगह लाल से दिखाई जाती है)। लाल दिखे = रुककर पढ़ो।

🟡 पीला = सावधान — आगे ख़तरा है। पीला रोकता नहीं, जगाता है: आगे बिजली है, ऊपर बोझ झूलता है, ज़मीन फिसलन है, गड्ढा है। पीला दिखे = चाल धीमी, आँख चौकन्नी।

🟢 हरा = सुरक्षा और मदद। बाहर निकलने का रास्ता (निकास/Exit), पहले-इलाज का डिब्बा (पाठ-10 का कोना!), इकट्ठा होने की जगह — सब हरे में। मुसीबत की घड़ी में आँख को हरा खोजना सिखा दीजिए — यही इस रंग का पूरा मतलब है।

🔵 नीला = ज़रूरी आदेश — यह करना ही है। नीला गोल चिह्न कहता है: हेलमेट पहनो, दस्ताने पहनो, कान-रक्षक लगाओ (पहचानिए — पाठ 2, 4, 12 दीवार पर टँगे हैं!)। नीला विनती नहीं, हुक्म है — उस इलाक़े में बिना वह चीज़ पहने घुसना मना।

अब आकारों का व्याकरण — रंग के साथ आकार पढ़िए, बात और साफ़:

⭘ कटा गोल घेरा (लाल घेरा, आर-पार लकीर) = मत करो — घेरे के भीतर जो बना है, वही मना है। △ तिकोना (पीला) = चौकन्ना — भीतर बना ख़तरा आगे है। ▢ चौकोर (हरा) = मदद यहाँ — रास्ता, इलाज, सूचना। और नीला भरा गोल = आदेश — भीतर बनी चीज़ पहनो/करो।

बस — चार रंग, तीन-चार आकार। पूरे संसार के कारख़ानों की दीवारें इसी छोटी-सी वर्णमाला में लिखी हैं।

चित्र से समझिए

दीवारों की भाषा — चार रंग चार रंग — पूरी वर्णमाला लाल — मना / आग कटा घेरा = मत करो पीला — सावधान तिकोना = आगे ख़तरा हरा — सुरक्षा/मदद निकास · पहला इलाज नीला — ज़रूरी आदेश यह पहनकर ही घुसो रंग बताता है क्या करना — आकार बताता है कितनी सख़्ती लाल रुकाता · पीला जगाता · हरा बचाता · नीला पहनाता
वर्णमाला एक नज़र में — लाल रुकाता, पीला जगाता, हरा बचाता, नीला पहनाता।

आसान भाषा में समझिए

यह भाषा आप आधी पहले से जानते हैं — सड़क पर। लाल बत्ती = रुको; यह किसने सिखाया? किसी किताब ने नहीं — बार-बार देखने ने। हरी बत्ती = चलो। पीला बोर्ड जिस पर मोड़ बना है = आगे सँभलकर। कारख़ाने की दीवार वही सड़क है — रंग वही, मतलब वही; बस बत्ती की जगह बोर्ड टँगे हैं।

एक और जोड़ — नीला। सड़क पर भी नीला गोल बोर्ड आदेश ही होता है (इधर ही मुड़ो, यही रास्ता लो)। कारख़ाने में वही नीला कहता है — हेलमेट पहनो, चश्मा लगाओ।

और सबसे सुंदर बात — इस भाषा को अनपढ़ आदमी भी पढ़ लेता है। यही तो इसका मक़सद है: दुनिया के किसी कोने का कर्मी, किसी भी बोली का, दीवार देखकर वही समझे। आप हिंदी के साथ यह विश्व-भाषा भी सीख रहे हैं — मुफ़्त में।

असली उदाहरण — जो बोर्ड पढ़ा नहीं गया

नया-नया कर्मी था — पहला हफ़्ता, बड़ा कारख़ाना, जोश पूरा। दोपहर में उसे दूसरे छोर के गोदाम से सामान लाना था। सीधा रास्ता एक अहाते से होकर जाता था, जिसके फाटक पर पीला तिकोना टँगा था — भीतर झूलते बोझ (crane का काँटा) की तस्वीर के साथ — और नीचे एक पट्टी: प्रवेश मना।

उसने बोर्ड देखा — पढ़ा नहीं। "कोई पुराना बोर्ड होगा।" भीतर घुसा, और ठीक ऊपर से crane का टँगा हुआ लोहे का गट्ठर गुज़रा — ऑपरेटर ने देख लिया था, इसलिए गट्ठर रुका, गिरा नहीं। सुपरवाइज़र की डाँट उस दिन उसकी सबसे सस्ती सीख थी।

अब हिसाब कीजिए — बोर्ड चिल्ला रहा था। पीला रंग कह रहा था "सावधान," तिकोना कह रहा था "ख़तरा आगे," तस्वीर बता रही थी "क्या ख़तरा।" पूरा वाक्य दीवार पर लिखा था; बस पढ़ने वाला अनपढ़ था — इसी भाषा का अनपढ़, डिग्री वाला नहीं। यह पाठ आपको वह अनपढ़ी उतारने के लिए है — क्योंकि कारख़ाने में चिह्न को सजावट समझना ही सबसे महँगी नासमझी है।

AI के साथ अभ्यास

अपने AI साथी से ये सवाल पूछिए:

1. "मैं चिह्न बताता हूँ, तुम मतलब बताओ — फिर उलटा: तुम हालात बताओ, मैं बताऊँ वहाँ कौन-सा चिह्न होगा।" (पाँच-पाँच का खेल खेलिए।)
2. "यह चिह्न दिखा है — पीले तिकोने में बिजली की कड़क जैसी टेढ़ी लकीर। मतलब क्या, और मुझे क्या करना चाहिए?"
3. फिर अपनी दुकान का सवाल — "मेरी वेल्डिंग दुकान के लिए कौन-कौन-से चिह्न सबसे ज़रूरी हैं, क्रम से बताओ।"

आज ही करने का काम (Step-by-Step गतिविधि)

आज से आपकी दुकान भी बोलना शुरू करेगी — चार क़दम:

1. गत्ते/मोटे काग़ज़ पर दो चिह्न बनाइए: (क) नीला गोल — भीतर चश्मा/हेलमेट — नीचे लिखिए "आँख बचाओ — पहले चश्मा"; (ख) हरा चौकोर — भीतर बाल्टी — नीचे "पानी/रेत यहाँ।"
2. पहला चिह्न काम की जगह के ठीक सामने टाँगिए (जहाँ पाठ-18 का जाँच-कार्ड है, उसके पास); दूसरा पानी-रेत की तय जगह (पाठ-5) पर।
3. रास्ते में जो भी बोर्ड-चिह्न दिखें — अस्पताल, बिजली-घर, पेट्रोल पंप — आज से उन्हें पढ़ने की आदत डालिए: रंग क्या, आकार क्या, वाक्य क्या बना। डायरी में रोज़ एक नया चिह्न लिखिए।
4. घर के बच्चों को चारों रंग सिखाइए — "लाल रुकाता, पीला जगाता, हरा बचाता, नीला पहनाता।" जो भाषा आप सिखा सकें, वही आपकी पक्की हुई।

आम गलतियाँ

चिह्न को सजावट समझना — कारख़ाने की दीवार पर एक भी चीज़ सजावट नहीं; हर बोर्ड किसी पुरानी दुर्घटना की क़ीमत पर टँगा है।

"रोज़ का रास्ता है, बोर्ड देखने की क्या ज़रूरत" — बोर्ड बदलते हैं: आज जो रास्ता खुला है, कल वहाँ मरम्मत का पीला तिकोना हो सकता है। आँख रोज़ पढ़े।

सिर्फ़ लिखावट पर भरोसा — लिखावट हर भाषा में नहीं होती; रंग-आकार हर भाषा में होते हैं। वर्णमाला रंग की सीखिए, पट्टी की नहीं।

सावधानियाँ

नए कारख़ाने/काम की जगह पहुँचें तो पहले दिन पाँच मिनट सिर्फ़ चिह्न पढ़िए — निकास कहाँ (हरा), आग-यंत्र कहाँ (लाल), पहला-इलाज कहाँ (हरा), कौन-से इलाक़े मना (लाल/पीला)। मुसीबत की घड़ी में यही पाँच मिनट रास्ता दिखाते हैं।

जहाँ नीला आदेश-चिह्न लगा है, वहाँ वह चीज़ पहनना अपनी मर्ज़ी का मामला नहीं — भले काम "दो मिनट" का हो (पाठ-16 की सीख यहाँ भी)।

अपनी दुकान के चिह्न ऊँचाई पर, साफ़ और रोशनी में टँगे हों — धूल में डूबा चिह्न गूँगा है (पाठ-15 की रोशनी यहाँ भी काम आती है)।

तेज़ दोहराव

दीवारें रंगों में बोलती हैं • लाल = मना/आग • पीला = सावधान, आगे ख़तरा • हरा = सुरक्षित रास्ता, पहला इलाज, निकास • नीला = ज़रूरी आदेश — पहनकर ही घुसो • कटा गोल घेरा = मत करो · तिकोना = चौकन्ना · हरा चौकोर = मदद यहाँ • चिह्न सजावट नहीं — हर बोर्ड पुरानी दुर्घटना की क़ीमत पर टँगा है • नई जगह = पहले पाँच मिनट चिह्न-पढ़ाई • अपनी दुकान में दो चिह्न आज ही।

छोटी परीक्षा (Quiz)

1. हरा रंग क्या बताता है — दो उदाहरण दीजिए।
2. कटा गोल घेरा किस बात का चिह्न है?
3. नीला गोल चिह्न क्या कहता है — विनती या हुक्म?
4. पीला तिकोना देखकर चाल और आँख का क्या करना है?
5. नई जगह पहुँचकर पहले पाँच मिनट में कौन-कौन-से चिह्न खोजने हैं?

जवाब पाठ में हैं — AI साथी से जँचवाइए।

पाठ का सार (Chapter Summary)

कारख़ाने की दीवारें चार रंगों की भाषा में बोलती हैं — लाल मना करता है और आग का साज़ दिखाता है; पीला जगाता है कि आगे ख़तरा है; हरा बचाता है — निकास, पहला इलाज, मदद; और नीला पहनाता है — ज़रूरी आदेश, जिसमें मर्ज़ी नहीं चलती। आकार व्याकरण है — कटा गोल घेरा यानी मत करो, तिकोना यानी चौकन्ना, हरा चौकोर यानी मदद यहाँ। यह वही भाषा है जो सड़क की बत्तियों से आप बचपन से जानते हैं, और इसे हर बोली का आदमी पढ़ सकता है — यही इसका मक़सद है। चिह्न सजावट नहीं; हर बोर्ड किसी पुरानी दुर्घटना की क़ीमत पर टँगा है। नई जगह के पहले पाँच मिनट चिह्न-पढ़ाई के, और अपनी दुकान में भी आज से कम-से-कम दो चिह्न — "आँख बचाओ" और "पानी/रेत यहाँ।"

आगे क्या सीखें

उन्नीस पाठ — उन्नीस औज़ार। पर औज़ारों से भरा बक्सा कारीगर नहीं बनाता; कारीगर वह है जिसके हाथ में औज़ार बसे हों। अगला पाठ इस पूरे हिस्से की गाँठ है — सारे नियमों को एक दिनचर्या की माला में पिरोना, और 20 सवालों की बड़ी परीक्षा। अगला पाठ — पाठ-20: सुरक्षा की आदत — हिस्सा-1 की गाँठ।

वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —

🎬 YouTube पर इस पाठ के वीडियो खोजें 🏛️ BharatSkills सरकारी वीडियो-मंच

(दोनों नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)