कोर्स › डीसीए — डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लिकेशन (DCA) › खंड-8: बात रखने का हुनर — Presentation
पाठ-206: बोलने की तैयारी — स्लाइड नहीं, आप मुख्य
📚 इस खंड के सब पाठ — किसी पर सीधे जाओ
उद्देश्य
खंड-8 में जो बात हर पाठ में लौटी — "बोलने वाला मुख्य, स्लाइड सहारा" — आज पूरा पाठ उसी पर। पाठ के बाद आप तीन बातें कर पाएँगे — 5-10 मिनट की बात को तीन बार बोलकर, घड़ी लगाकर तैयार कर पाएँगे; Notes की छपी प्रति और "पहला वाक्य-आख़िरी वाक्य" याद करके मंच पर बिना पढ़े बोल पाएँगे; और घबराहट, सवाल, गड़बड़ी — तीनों को सँभालने के सादे उपाय जान पाएँगे।
मुख्य बात
दर्शक स्लाइड याद नहीं रखते, आपको याद रखते हैं — आपकी आवाज़, आपकी नज़र, आपका पहला और आख़िरी वाक्य। एक-वाक्य बात — तैयारी = तीन बार बोलकर देखना (घड़ी के साथ), पहला और आख़िरी वाक्य याद, बाक़ी Notes से — मंच पर स्लाइड आपकी बात के पीछे चले, आगे नहीं।
तीन बार बोलना — घड़ी के साथ
पहली बार — अकेले, Notes पढ़ते हुए, बस बात का बहाव देखने को; समय नोट कीजिए (अक्सर तय समय से दुगना निकलता है — तब स्लाइड घटाइए या Notes काटिए, पाठ-196 का समय-नियम)। दूसरी बार — खड़े होकर, स्लाइड-शो चलाकर (पाठ-200 के बटन), Notes सिर्फ़ झलक के लिए; जहाँ अटकें, वहाँ Notes में एक शब्द और लिखिए। तीसरी बार — घर के किसी सदस्य या दोस्त के सामने, बिल्कुल असली की तरह, फिर उससे तीन सवाल पुछवाइए। तीन बार के बाद बात आपकी हो जाती है — मुँह को रास्ता याद हो जाता है, जैसे टाइपिंग में उँगलियों को (पाठ-84)। पाठ-239 की योजना-आदत यहाँ बोलने पर लागू।
पहला और आख़िरी वाक्य — दो ही रटो
पूरी बात रटना ग़लत है — रटी बात एक शब्द भूलते ही टूटती है। सिर्फ़ दो वाक्य रटिए: पहला (जो शुरू में घबराहट के बीच बिना सोचे निकले — "नमस्ते, मैं सुनीता, आज मैं बताऊँगी कि हमारे स्कूल का कूड़ा तीन महीने में आधा कैसे हुआ") और आख़िरी (जो अंत में दर्शक को घर ले जाना है — "तो याद रखिए — हर शनिवार, एक घंटा, पूरा स्कूल; बस"). बीच का सब Notes के सहारे अपनी बोली में — हर बार थोड़ा अलग निकले तो कोई बात नहीं, वही असली लगता है। पहला वाक्य ठीक निकला तो आधी घबराहट गई; आख़िरी वाक्य ठीक निकला तो बात याद रह गई।
मंच पर — नज़र, आवाज़, खड़े होना
नज़र दर्शकों पर — कमरे में तीन जगहों (बाएँ, बीच, दाएँ) पर एक-एक व्यक्ति चुनिए और बारी-बारी उन्हीं से बात कीजिए; पूरे कमरे को देखा हुआ लगेगा। स्क्रीन की ओर पीठ नहीं — स्लाइड की ओर मुड़ना हो तो एक क्षण, इशारा करके वापस। आवाज़ सामान्य से थोड़ी धीमी और थोड़ी ऊँची — घबराहट में लोग तेज़ बोलते हैं; एक वाक्य के बाद पूरी साँस लीजिए। खड़े होकर, दोनों पैर ज़मीन पर, हाथ खुले — जेब में या पीछे बँधे नहीं; एक हाथ में छपी Notes या क्लिकर, दूसरा इशारे के लिए। ये सब चीज़ें दूसरी और तीसरी बार के अभ्यास में ही सधती हैं — पढ़कर नहीं।
तीन मुश्किलें, तीन उपाय
घबराहट — सबकी होती है, यही सामान्य है; उपाय: पहला वाक्य रटा है, तो शुरू के बीस सेकंड निकल जाएँगे; शुरू से पहले धीमी साँस तीन बार, एक घूँट पानी; पहली स्लाइड दिखाकर 5-10 सेकंड चुप रहिए — दर्शक देखें, आप सँभलें। सवाल — B दबाइए, सवाल पूरा सुनिए, एक बार दोहराइए ("आप पूछ रहे हैं कि…") ताकि सबने सुना हो और आपको सोचने का समय मिले; जवाब पता है तो छोटा; नहीं तो "यह मैं पक्का करके बताऊँगा" (पाठ-200, 231)। गड़बड़ी — बिजली गई, प्रोजेक्टर बुझा, फ़ाइल नहीं खुली (पाठ-209 में इंतज़ाम); उपाय: छपी Notes हाथ में हैं, तो बिना स्लाइड बोलते रहिए — दर्शक आए आपकी बात सुनने थे, स्लाइड देखने नहीं; और अगर स्लाइड 6×6 (पाठ-197) है तो उसकी बात वैसे भी आपके मुँह में है।
छपी Notes — हाथ का सहारा
Notes को छापने के लिए File → Print → Notes Pages (पाठ-208 में और तरीक़े) — हर पन्ने पर ऊपर स्लाइड की छोटी छवि, नीचे आपके Notes; या सिर्फ़ Notes को Word में उतारकर बड़े अक्षर (16+) में छापिए। पन्ने क्रम में, स्टेपल नहीं (पलटना आसान), हर पन्ने पर स्लाइड-नंबर। यह पन्ना ही Presenter View न मिलने पर (एक स्क्रीन, पुराना कंप्यूटर, फ़ोन — पाठ-210) आपका Presenter View है। तीसरी बार के अभ्यास में इसी छपी प्रति से बोलिए, ताकि मंच पर हाथ को इसकी आदत हो।
आज का काम «अभ्यास»
अपनी पाठ-202 (प्रोजेक्ट) या 203 (दुकान, बैंक-रूप) की फ़ाइल चुनिए। पहला और आख़िरी वाक्य लिखकर रटिए। तीन बार बोलिए — पहली बार घड़ी के साथ (समय लिखिए; ज़्यादा है तो काटिए), दूसरी बार खड़े होकर शो के साथ, तीसरी बार घर के किसी सदस्य के सामने छपी Notes हाथ में लेकर — फिर उससे तीन सवाल; एक सवाल का जवाब जान-बूझकर "पक्का करके बताऊँगा" कहकर देखिए कि यह कहना कैसा लगता है। तीनों बार का समय कॉपी में। दर्शक से पूछिए — "मैंने ज़्यादा स्क्रीन देखा या तुम्हें?" और "पहला-आख़िरी वाक्य क्या था?"
नाप
सफल = तीनों बार का समय दर्ज और तीसरी बार तय समय के भीतर (±1 मिनट); पहला-आख़िरी वाक्य दर्शक ने दोहरा दिया; दर्शक ने कहा "तुम्हें देखा"; तीन सवालों में B दबाया और एक बार ईमानदार "पक्का करके बताऊँगा" कहा; छपी Notes हाथ में थीं और आपने स्लाइड पढ़ी नहीं। समय: तैयारी 45 मिनट + तीन बार बोलना।
सबूत
सबूत-खाते में तीनों बार का समय (कॉपी की फ़ोटो), छपी Notes की फ़ोटो, दर्शक की राय दो पंक्ति में, और चाहें तो तीसरी बार की आवाज़-रिकॉर्डिंग (फ़ोन से — सिर्फ़ अपनी आवाज़, दर्शक की सहमति से) — रिकॉर्डिंग सुनकर आप ख़ुद अपनी गति और "अं…" वाली आदतें पकड़ लेंगे। यही अभ्यास पाठ-212 के बड़े काम और पाठ-424 (साक्षात्कार) में सीधे काम आएगा।
AI-सहायक
AI से पूछिए — "मेरा विषय (लिखिए) है, दर्शक (कौन); एक अच्छा पहला वाक्य और एक अच्छा आख़िरी वाक्य सुझाओ — छोटे, अपनी बोली में" — फिर अपने शब्दों में ढालिए (रटना है, तो अपने शब्द ही रटेंगे)। दूसरा — "इस विषय पर दर्शक कौन-से तीन सवाल पूछ सकते हैं?" — उनके जवाब Notes में तैयार रखिए; जो न आए, उसका "पक्का करके बताऊँगा" पहले से तय। तीसरा — अपनी रिकॉर्डिंग का लिखित रूप (बेनाम) देकर "मैं कहाँ ज़्यादा भर्ती-शब्द (अं, मतलब, यानी) बोल रहा हूँ" — पर सुनकर ख़ुद पकड़ना ज़्यादा सिखाता है।
आम ग़लती
पहली — पूरी बात रटना और दूसरे वाक्य पर भूलकर जम जाना। दूसरी — स्क्रीन की ओर मुड़कर स्लाइड पढ़ना — दर्शक को पीठ और स्लाइड पर 6×6 है ही नहीं जो पढ़ें। तीसरी — तैयारी में एक ही बार बोलना (या शून्य बार) — मंच पर पहली बार सुनने में ख़ुद को अजीब लगना। चौथी — सवाल पर बिना सुने जवाब शुरू कर देना। पाँचवीं — बिजली जाने पर "अब कैसे बताऊँ" कहकर बैठ जाना — छपी Notes हैं तो बात चलती है।
सुरक्षा-पत्रक
मंच पर अपने बारे में उतना ही बताइए जितना स्लाइड पर — नाम, भूमिका; घर का पता, फ़ोन, परिवार का ब्योरा बोलने में भी नहीं। दर्शक की सहमति के बिना उनकी रिकॉर्डिंग नहीं; अपनी अभ्यास-रिकॉर्डिंग सिर्फ़ अपने लिए, साझा नहीं। नाबालिग विद्यार्थी अभिभावक/शिक्षक की मौजूदगी में; बड़े कमरे में मंच पर तार-प्रोजेक्टर से दूर खड़े हों (पाठ-209)। घबराहट सामान्य है — पर अगर बोलने से पहले हर बार बहुत ज़्यादा घबराहट, नींद न आना, उल्टी जैसा हो, तो यह किसी बड़े से बात करने की बात है, अकेले झेलने की नहीं। पानी साथ, गला सूखे तो घूँट लेने में शर्म नहीं।
स्रोत
इस पाठ की जानकारी ACS पाठ्यक्रम-दल ने तैयार की है: acslearn.com — देखा गया 16-08-2026। "तीन बार अभ्यास, पहला-आख़िरी वाक्य, नज़र तीन जगह" सार्वजनिक-भाषण के आम व्यावहारिक सुझाव हैं; ACS ने इन्हें गाँव के मंच (पुराना प्रोजेक्टर, बिजली-कटौती, स्थानीय दर्शक) पर उतारा है।
योग्यता-जाँच
वीडियो (Video)
इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —
🎬 YouTube पर इस पाठ के वीडियो खोजें 🏛️ NIELIT — सरकारी कंप्यूटर-शिक्षा संस्थान
(दोनों नई खिड़की में — बाहरी site, जानकारी ख़ुद verify करें; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)
