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कोर्स › टू-व्हीलर सर्विसिंग, EV एवं उद्यमिता कोर्स › अध्याय-11: Transmission-Wheel-Brake — भाग-1

अध्याय-11 · पाठ-11: Chain का तनाव — सही समायोजन

पढ़ाई का समय: 11-13 मिनट · अध्याय-11 · पाठ-11 · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

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📖 कोर्स-परिचय

🌱 सरल-सार

बहुत ढीली Chain उछल सकती है।
बहुत कसी Chain जल्दी घिसती है।
मैनुअल में सही नाप दिया होता है।
नियमित जाँच व समायोजन ज़रूरी है।

📚 इस अध्याय के सब पाठ

Chain का सही तनाव, अध्याय-11 में अब तक सीखी Chain-Drive की पूरी समझ को, एक बहुत सटीक, बहुत नियमित रूप से जाँचे जाने वाले व्यावहारिक काम में बदलता है, यह गहराई से समझना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह सुरक्षा से सीधे जुड़ा है

अगर Chain बहुत ढीली हो, तो वह चलते समय उछल सकती है, या Sprocket से उतरकर, गंभीर, अचानक दुर्घटना का कारण बन सकती है — वहीं अगर Chain बहुत कसी हो, तो वह घुमाव को बहुत मुश्किल बना देती है, जिससे Sprocket व Chain, दोनों बहुत तेज़ी से, असामान्य रूप से घिसते हैं, यही वजह है कि Chain का तनाव, न बहुत ढीला, न बहुत कसा — बल्कि बिल्कुल सही, संतुलित होना चाहिए। हर गाड़ी के मैनुअल में, Chain के सही, तय तनाव की एक स्पष्ट नाप दी होती है — यह नाप, आमतौर पर Chain को ऊपर-नीचे हिलाकर, कितना ऊपर-नीचे हिलती है, इसे एक Ruler से नापकर जाँची जाती है, यह सटीक जाँच, अध्याय-5 में सीखे नाप-औज़ारों का ही एक और, बहुत व्यावहारिक इस्तेमाल है।

Chain-तनाव जाँचने व समायोजित करने का व्यावहारिक तरीक़ा

गाड़ी को समतल जगह पर खड़ा करके, Chain को बीच से हल्के से ऊपर-नीचे दबाकर, उसका हिलाव नापें — अगर यह मैनुअल में बताए नाप से ज़्यादा हो, तो पिछले पहिये के Axle-Nut को ढीला करके, ख़ास Adjuster की मदद से, Chain को सही तनाव तक कसा जाता है, इस दौरान दोनों तरफ़ का समायोजन एक-समान रखना बहुत ज़रूरी है, ताकि पहिया सीधा, सही स्थिति में रहे।Chain-तनाव समायोजनन बहुत ढीली, न बहुत कसीमैनुअल का सही नाप देखेंदोनों तरफ़ एक-समान कसेंनियमित जाँच बहुत ज़रूरी

असमान समायोजन के गंभीर नुक़सान

अगर Chain का समायोजन, दोनों तरफ़ एक-समान न हो, तो पिछला पहिया थोड़ा टेढ़ा बैठ सकता है, जिससे गाड़ी एक तरफ़ खिंचती हुई महसूस हो सकती है — यह छोटी सी ग़लती, सवारी को असुरक्षित व असहज बना सकती है, इसलिए समायोजन के बाद, हमेशा दोनों तरफ़ के निशान (Chain-Adjuster Marks) की तुलना करके पुष्टि करनी चाहिए।

Chain-तनाव, मौसम व इस्तेमाल से भी बदल सकता है

नई Chain, शुरुआती कुछ हफ़्तों में थोड़ी खिंच सकती है, इसलिए इस दौरान बार-बार जाँच ज़रूरी है — इसके अलावा, बहुत भारी सामान ढोने वाली गाड़ियों में भी, तनाव जल्दी बदल सकता है, यह जानकारी, सही, नियमित सर्विस-सलाह देने में बहुत उपयोगी है।

संक्षेप में

Chain का सही, संतुलित तनाव — न बहुत ढीला, न बहुत कसा — सुरक्षा व Chain की उम्र, दोनों की कुंजी है, इसे नियमित रूप से जाँचें व समायोजित करें।

अगला पाठ

अगला पाठ Belt-Drive पर होगा — यह समझना कि Chain से यह तकनीक कैसे अलग है, व इसके क्या फ़ायदे हैं।

Chain-तनाव की जाँच, टेस्ट-राइड से पहले भी करनी चाहिए

किसी भी लंबी यात्रा या टेस्ट-राइड से पहले, Chain का तनाव जाँचना, एक बहुत ज़िम्मेदार, बहुत सुरक्षित आदत है — यह छोटी जाँच, कुछ ही मिनट लेती है, पर यह रास्ते में होने वाली गंभीर, अचानक समस्याओं से बचा सकती है, यह अध्याय-6 व 7 में सीखी यात्रा-पूर्व जाँच-सूची का ही एक और, बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नए मैकेनिकों के लिए Chain-तनाव याद रखने की तरकीब

एक सरल तरकीब है — Chain का हिलाव, आमतौर पर 2-3 सेंटीमीटर के आस-पास होना चाहिए, यह सामान्य नियम, बिना मैनुअल के भी, एक शुरुआती अंदाज़ा देता है, पर हमेशा सटीक जानकारी के लिए मैनुअल का ही नाप इस्तेमाल करें, यह सिर्फ़ एक याद रखने में मदद करने वाला संकेत है।

ढील नापने की सही विधि — तीन जगह नापो

चेन की ढील अंदाज़े से नहीं, नाप से तय होती है। गाड़ी को मुख्य-स्टैंड पर टिका दो। निचली पट्टी के बीचों-बीच उँगली रखो। चेन को ऊपर-नीचे हिलाकर खेल नापो। पुस्तिका में लिखा दायरा ही सही नाप है। आम गाड़ियों में यह बीस से तीस मिलीमीटर रहता है। अब पहिया थोड़ा घुमाकर दूसरी जगह नापो। फिर तीसरी जगह भी यही दोहराओ। चेन कहीं ढीली, कहीं कसी मिल सकती है। घिसाई हर कड़ी में बराबर नहीं चलती। सबसे कसी जगह को ही नाप का आधार मानो। तीन-जगह नाप की यह आदत आधे झगड़े पहले ही निपटा देती है।

ज़्यादा कसी चेन — छिपा हुआ ज़ुल्म

ढीली चेन खड़खड़ाकर अपना दुख बता देती है। कसी चेन चुपचाप ज़ुल्म सहती और करती है। सस्पेंशन दबते ही चेन का रास्ता लंबा होता है। कसी चेन के पास देने को ढील बचती नहीं। पूरा खिंचाव धुरी और बेयरिंग पर उतरता है। गियर-डिब्बे की निकासी-सील भी दबाव झेलती है। नतीजा — बेयरिंग की मौत और तेल का रिसाव। सवारी भी सख़्त और भारी लगती है। इसीलिए ढील का दायरा बिना सवार के नापा जाता है। सवार बैठते ही वह ढील अपने-आप घट जाती है। शक हो तो साथी को बिठाकर दोबारा देखो। कसाव का लालच चेन की सबसे महँगी ग़लती है।

समायोजन के बाद की तीन मुहरें

तनाव ठीक करने के बाद तीन मुहरें लगाओ। पहली मुहर — दोनों तरफ़ के निशान बराबर हों। स्विंग-आर्म की गिनती दाएँ-बाएँ मिलाओ। बराबरी बिगड़ी तो पहिया टेढ़ा बैठा है। दूसरी मुहर — धुरी का नट पूरे बल-नाप से कसो। समायोजन में ढीला किया नट वैसे ही छूटना आम चूक है। चलती गाड़ी में खुलता नट जानलेवा है। तीसरी मुहर — पहिया घुमाकर पूरी माला परखो। चाल रवाँ हो, कहीं अटकाव न हो। ब्रेक की जुड़ी हुई चीज़ें भी छू लो। तीनों मुहरें लगीं, तभी काम पूरा बोलो। जल्दबाज़ी का समायोजन अगली ख़राबी की बुकिंग है।

हर पंद्रह दिन की झलक-जाँच

तनाव की पूरी नाप हर सर्विस पर होती है। पर बीच-बीच की झलक-जाँच सवार ख़ुद करे। पंद्रह दिन का एक सीधा नियम सिखाओ। खड़ी गाड़ी के पास झुककर निचली पट्टी हिलाओ। हथेली से हल्का ऊपर-नीचे का खेल देखो। दो उँगल का खेल मोटा-मोटा ठीक है। रस्सी-सा तना या बहुत लटकता — दोनों पर दुकान आओ। साथ में कान की जाँच भी जोड़ो। चाल में चेन की खड़खड़ बढ़े तो ढील बढ़ी है। मोड़ पर घरघराहट कसाव या सूखेपन की पुकार है। यह घर-जाँच ग्राहक को मालिक-भाव देती है। और दुकान को समय पर आया काम मिलता है।

वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक एक जीवित रास्ता —

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(नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)