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कोर्स › टू-व्हीलर सर्विसिंग, EV एवं उद्यमिता कोर्स › अध्याय-15: Roadside Emergency Repair

अध्याय-15 · पाठ-4: Dead-Battery — Jump-Start व Push-Start तरीक़ा

पढ़ाई का समय: 11-13 मिनट · अध्याय-15 · पाठ-4 · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

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📖 कोर्स-परिचय

🌱 सरल-सार

Jump-Start, दूसरी Battery से बिजली उधार लेता है।
Push-Start, धक्का देकर इंजन घुमाता है।
सही क्रम में जोड़ना सुरक्षा देता है।
सफल स्टार्ट के बाद Battery जाँचें।

📚 इस अध्याय के सब पाठ

Dead-Battery, अध्याय-15 के तीसरे पाठ में सीखी Puncture-मरम्मत के बाद, एक और, बहुत आम Roadside-समस्या को समझाता है — अध्याय-13 में सीखी Battery, अगर पूरी तरह कमज़ोर पड़ जाए, तो गाड़ी बिल्कुल स्टार्ट नहीं होती, यह गहराई से समझना बहुत ज़रूरी है

Jump-Start में, एक दूसरी, चालू गाड़ी की Battery से, अध्याय-15 के दूसरे पाठ में सीखी Jump-Cable के ज़रिए, अस्थायी रूप से बिजली उधार ली जाती है — यह क्रम बहुत ज़रूरी है, पहले दोनों Battery के सकारात्मक (+) टर्मिनल जोड़ें, फिर नकारात्मक (-), यह अध्याय-13 के चौथे पाठ में सीखे उल्टे क्रम से अलग है, क्योंकि यहाँ दो अलग गाड़ियाँ जुड़ रही हैं, ग़लत क्रम, गंभीर शॉर्ट-सर्किट का ख़तरा बना सकता है। Push-Start (या Kick-Start के साथ धक्का देना), उन गाड़ियों में इस्तेमाल होता है, जहाँ Manual Gear हो, व Battery बिल्कुल भी बिजली न दे रही हो — गाड़ी को धक्का देकर, थोड़ी गति में, Gear हल्के से Engage करने से, इंजन का घुमाव शुरू हो सकता है, यह एक पुराना, पर आज भी उपयोगी, बिल्कुल यांत्रिक तरीक़ा है।

Push-Start स्कूटर में क्यों काम नहीं करता

अध्याय-14 में सीखा गया, स्कूटर के CVT में, Push-Start की तकनीक ठीक से काम नहीं करती, क्योंकि वहाँ Manual Gear-Engage संभव नहीं — स्कूटर में, Dead-Battery की स्थिति में, Jump-Start ही मुख्य, भरोसेमंद तरीक़ा है, यह फ़र्क़ हर मैकेनिक को याद रखना चाहिए।Dead-Battery का समाधानJump-Start — बिजली उधार लेंसही क्रम से टर्मिनल जोड़ेंPush-Start — यांत्रिक धक्कास्कूटर में सिर्फ़ Jump-Start

स्टार्ट होने के बाद की ज़रूरी जाँच

गाड़ी स्टार्ट होने के बाद, कुछ मिनट इंजन चलाकर, यह देखें कि Alternator (अध्याय-13 में सीखा), Battery को दोबारा चार्ज कर रहा है या नहीं — अगर Battery बार-बार Dead होती रहे, तो यह गहरी, Alternator-संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।

ग्राहक को सुरक्षा-सावधानी समझाना

Jump-Start के दौरान, ग्राहक को टर्मिनल से दूर रहने व किसी धातु के औज़ार को गलती से दोनों टर्मिनल से न छुआने की सलाह देना बहुत ज़रूरी है, यह अध्याय-13 में सीखी Battery-सुरक्षा का ही एक और, बहुत गंभीर इस्तेमाल है।

संक्षेप में

Jump-Start में सही क्रम से टर्मिनल जोड़ें, Push-Start Manual गाड़ियों के लिए है, स्कूटर में काम नहीं करता — स्टार्ट होने के बाद, Alternator की चार्जिंग जाँचें।

अगला पाठ

अगला पाठ Chain-टूटना — सड़क पर अस्थायी मरम्मत पर होगा, यह समझना कि यह गंभीर समस्या सड़क किनारे कैसे हल की जाए।

पहले पक्का करो — क़सूर बैटरी का ही है

गाड़ी स्टार्ट न हो तो बैटरी पर सीधा इल्ज़ाम मत धरो। दो मिनट की जाँच पहले कर लो। हॉर्न बजाकर देखो — दमदार आवाज़ या मरी-मरी। बत्ती जलाओ — पूरी रोशनी या पीली-धीमी। मरा हॉर्न, धीमी बत्ती — तब बैटरी का क़सूर पक्का। सब दमदार हो तो चोर कहीं और है। ईंधन-नल, चाबी-स्विच, साइड-स्टैंड का सेंसर देखो। कई गाड़ियाँ स्टैंड लगे होने पर स्टार्ट ही नहीं होतीं। किक वाली गाड़ी में किक से भी आज़माओ। सही इल्ज़ाम ही सही इलाज तक ले जाता है। बिन जाँचे बैटरी खोलना समय की बर्बादी है।

दूसरी बैटरी से जान फूँकना — तार जोड़ने का क्रम

मरी बैटरी को दूसरी गाड़ी से जान मिल सकती है। जोड़ने का क्रम ही इस काम की जान है। दोनों गाड़ियाँ बंद करके पास खड़ी करो। लाल तार पहले — मरी बैटरी का धन-सिरा। फिर उसी लाल का दूसरा मुँह — चालू बैटरी का धन-सिरा। काला तार चालू बैटरी के ऋण-सिरे पर। काले का आख़िरी मुँह मरी गाड़ी के नंगे लोहे पर। सीधे मरी बैटरी के ऋण-सिरे से बचो — चिंगारी दूर रहे। अब चालू गाड़ी स्टार्ट कर दो मिनट चलने दो। फिर मरी गाड़ी स्टार्ट आज़माओ। खुलते ही तार उल्टे क्रम में खोलो। क्रम याद — जोड़ो लाल-पहले, खोलो काला-पहले।

धक्का-स्टार्ट — गियर वाली गाड़ी का पुराना हुनर

गियर वाली गाड़ी के पास एक और रास्ता है। धक्के से इंजन जगाना — पुराना आज़माया हुनर। चाबी चालू रखो, गाड़ी दूसरे गियर में डालो। क्लच पूरा दबाकर गाड़ी धकेलो या ढलान पाओ। चाल पकड़ते ही क्लच झटके से छोड़ो। पिछला पहिया इंजन को घुमा देता है। इंजन छींककर जाग जाए तो क्लच फिर दबाओ। रेस देकर इंजन को सँभलने दो। यह काम खुली-सूनी जगह पर ही करो। ढलान मिले तो अकेले भी सध जाता है। समतल पर एक धकेलने वाला साथी चाहिए। बिना-गियर स्कूटर पर यह हुनर नहीं चलता — वहाँ तार-जोड़ ही रास्ता है।

जागी गाड़ी को दौड़ाओ — फिर बंद मत करो

किसी भी तरकीब से गाड़ी जाग जाए तो होश रखो। तुरंत बंद करने की ग़लती मत करो। मरी बैटरी को अब भरने का समय चाहिए। आधे घंटे की लगातार दौड़ उसकी ख़ुराक है। रुकना पड़े तो इंजन चालू रखो। बत्ती-हॉर्न का फालतू ख़र्च बंद रखो। सीधे घर या दुकान की राह पकड़ो। पहुँचकर बैटरी की असली सेहत जँचवाओ। पानी वाली बैटरी में तेज़ाब-पानी का स्तर देखो। जोड़ों की सफ़ेद पपड़ी साफ़ कराओ। बार-बार मरती बैटरी बदलने का इशारा है। जागना इलाज नहीं था — मोहलत थी। मोहलत में पक्का इलाज कराओ।

बैटरी क्यों मरी — जड़ की तलाश

बैटरी का मरना बीमारी नहीं, लक्षण है। जड़ पकड़े बिना यह बार-बार लौटेगा। सबसे आम जड़ — भूली हुई बत्ती। रात-भर जली पार्किंग-बत्ती सुबह की मौत है। दूसरी जड़ — चोरी से बहती धारा। कोई सीधा-जुड़ा सामान चुपचाप चूसता रहता है। तीसरी — चार्ज करने वाला अंग बीमार। जनित्र या उसका नियामक कमज़ोर पड़ा है। चौथी — बुढ़ापा। तीन-चार साल की बैटरी ढलान पर होती है। पाँचवीं — खड़ी गाड़ी की लंबी नींद। महीनों बंद पड़ी बैटरी अपने-आप उतर जाती है। दुकान पर धारा-नाप से जड़ खोजो। जड़ का इलाज ही आख़िरी इलाज है।

बिजली-गाड़ी की मरी बैटरी — नियम अलग

बिजली-गाड़ी में यह पाठ बदल जाता है। उसकी बड़ी चालक-बैटरी पर तार-जोड़ मत आज़माओ। ऊँचे बोल्ट की वह दुनिया अलग नियम की है। नंगे हाथ का जोखिम वहाँ जानलेवा है। रास्ता एक ही है — चार्जिंग तक पहुँचना। पास का चार्जिंग-बिंदु फ़ोन-नक़्शे से खोजो। दूर हो तो ढुलाई ही सयानी राह है। कुछ बिजली-गाड़ियों में छोटी सहायक-बैटरी भी होती है। वही मरे तो पर्दा-बत्ती नहीं जागते। उसका इलाज दुकान पर, गाड़ी-पुस्तिका के नियम से। ग्राहकों को चार्ज-आदत सिखाओ — बीस टके से नीचे न जाने दें। बिजली-गाड़ी में परहेज़ ही सबसे बड़ा इलाज है।

वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक एक जीवित रास्ता —

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(नई खिड़की में; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)