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कोर्स › डीसीए — डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लिकेशन (DCA) › खंड-6: दस्तावेज़-काम — Word

पाठ-135: फ़ॉन्ट व आकार — पढ़ने लायक़ सुंदरता

पढ़ने का समय: 11 मिनट · पूरा पाठ (पढ़ना + आज का काम) ≈ 1 घंटा · पाठ 135 / 498 · 🅐 CORE · पढ़ाई पूरी तरह मुफ़्त

📖 कोर्स-परिचय

📚 इस खंड के सब पाठ — किसी पर सीधे जाओ
फ़ॉन्ट व आकार — कहाँ क्या सही बड़ा अक्षर = बड़ा आकार-अंक शीर्षक — आकार 18-22 सामान्य लेखन — आकार 11-12 छोटी टिप्पणी/footnote — आकार 9-10 (ज़रूरत पर ही) देवनागरी हिंदी के लिए भरोसेमंद font Mangal Nirmala UI Noto Sans पूरे दस्तावेज़ में एक ही मुख्य font — बार-बार बदलना उलझन बढ़ाता है आकार 8-9 से नीचे कभी नहीं — बुज़ुर्गों को पढ़ने में मुश्किल होगी
पाठ-चित्र: Font व Size का सही चुनाव — एक नज़र में

उद्देश्य

पाठ-134 में हमने Bold, Italic, Underline से अक्षर सजाना सीखा। आज हम एक नई ज़रूरी सुविधा सीखेंगे — अक्षरों की शक्ल (Font) व आकार (Size) कैसे बदलें, और किस दस्तावेज़ के लिए कौन-सा फ़ॉन्ट-आकार सही रहता है। पाठ के बाद आप किसी भी दस्तावेज़ को पढ़ने-लायक़, साफ़ व सुंदर बना पाएँगे।

मुख्य बात

एक-वाक्य बात — फ़ॉन्ट व आकार का सही चुनाव यह तय करता है कि आपका दस्तावेज़ आसानी से पढ़ा जाएगा या नहीं — सुंदर शब्दों का भी कोई फ़ायदा नहीं अगर वे पढ़ने में मुश्किल हों।

Font — अक्षरों की शक्ल

Font का मतलब है — अक्षरों की बनावट या शैली। जैसे एक ही "क" अक्षर अलग-अलग font में थोड़ा अलग दिख सकता है — कोई गोल-मुलायम, कोई सीधा-कड़ा। Word में सबसे ऊपर एक box में font का नाम दिखता है (जैसे Calibri, Times New Roman, Mangal), जिस पर क्लिक करके सूची से मनचाहा font चुना जा सकता है। हिंदी लिखने के लिए ऐसा font चुनना ज़रूरी है जो देवनागरी लिपि सही तरह दिखाए — जैसे Mangal, Nirmala UI, या Noto Sans Devanagari।

Font Size — अक्षरों का आकार

आकार अंकों में मापा जाता है (जैसे 11, 12, 14, 18) — संख्या जितनी बड़ी, अक्षर उतने बड़े। सामान्य दस्तावेज़ (चिट्ठी, आवेदन) के लिए 11-12 आकार ठीक रहता है, शीर्षक के लिए 16-20, और बड़े पोस्टर/नोटिस के लिए इससे भी बड़ा। सही आकार चुनना पाठक की उम्र व दूरी पर भी निर्भर करता है — बुज़ुर्गों के लिए या दीवार पर चिपकाई जाने वाली सूचना के लिए बड़ा आकार बेहतर रहता है।

पढ़ने-लायक़ दस्तावेज़ के तीन नियम

पहला — पूरे दस्तावेज़ में एक ही मुख्य font रखें, बार-बार font बदलना दस्तावेज़ को उलझा हुआ बना देता है। दूसरा — शीर्षक बड़े व Bold रखें, बाक़ी लेखन सामान्य आकार में। तीसरा — बहुत छोटा आकार (8-9) कभी न रखें, इससे पढ़ना मुश्किल हो जाता है, ख़ासकर बुज़ुर्गों के लिए।

हिंदी व English फ़ॉन्ट का तालमेल

अगर दस्तावेज़ में हिंदी व English दोनों भाषाएँ मिली-जुली हों, तो कई बार दोनों भाषाओं के लिए एक-सा font ठीक से काम नहीं करता। ऐसे में कुछ font (जैसे Nirmala UI) दोनों भाषाओं को अच्छे से दिखाते हैं। यह बात हम अगले पाठ (हिंदी दस्तावेज़) में और गहराई से देखेंगे।

Font रंग व Highlight — ध्यान खींचने के दो तरीक़े

पिछले पाठ में हमने Bold-Italic-Underline सीखा — font के साथ एक और सुविधा जुड़ती है, रंग बदलना। इसके अलावा एक और उपयोगी औज़ार है Highlight (उभार) — इसमें अक्षर का रंग नहीं, बल्कि उसके पीछे का पृष्ठभूमि-रंग (जैसे पीला) बदलता है, ठीक वैसे जैसे किताब में मार्कर-पेन से किसी लाइन को उभारा जाता है। यह ख़ासकर किसी दस्तावेज़ की समीक्षा करते समय ज़रूरी जगहों को चिन्हित करने में उपयोगी है।

Case बदलना — बड़े-छोटे अक्षर (English के लिए)

English टाइप करते समय कभी-कभी पूरा शब्द या वाक्य ग़लती से छोटे अक्षरों (lowercase) या बड़े अक्षरों (UPPERCASE) में टाइप हो जाता है। इसे दोबारा से टाइप करने की बजाय, Word में एक "Change Case" (केस बदलो) सुविधा होती है, जो चुने हुए टेक्स्ट को एक क्लिक में — पूरा बड़ा, पूरा छोटा, या हर शब्द का पहला अक्षर बड़ा — बदल सकती है। यह resume व औपचारिक पत्रों में शीर्षक सही ढंग से लिखने में बहुत काम आता है।

Font-सूची में खोज — बड़ी सूची में जल्दी ढूँढना

Font-नाम की सूची कभी-कभी बहुत लंबी होती है, ख़ासकर अगर कंप्यूटर में बहुत सारे font install हों। ऐसे में हर बार स्क्रॉल करके ढूँढने की बजाय, font-नाम वाले box में सीधे टाइप करना शुरू कर दें (जैसे "Man" टाइप करना Mangal तक ले जाता है) — सूची अपने-आप उस नाम के पास पहुँच जाती है। यह छोटी तरकीब समय बचाती है, ख़ासकर जब बार-बार हिंदी-English font के बीच बदलाव करना पड़े।

अभ्यास से पहले — Point (pt) की समझ

Font-आकार अंकों में क्यों मापा जाता है, यह समझना भी उपयोगी है — इसकी इकाई "Point" (संक्षेप में pt) कहलाती है, जो छपाई की दुनिया की एक पुरानी, बहुत बारीक़ माप है। इतना याद रखना काफ़ी है कि 72 point लगभग 1 इंच के बराबर होते हैं — इसलिए 12pt का अक्षर बहुत छोटा, जबकि 72pt का अक्षर लगभग एक इंच ऊँचा होगा, बड़े पोस्टर-शीर्षक के लिए उपयुक्त।

font व आकार की जोड़ी — याद रखने की तरकीब

Font व आकार दोनों एक साथ, एक ही जगह (टूलबार में बग़ल-बग़ल) दिखते हैं — यह याद रखने में मदद करता है कि दोनों हमेशा साथ-साथ तय किए जाते हैं। एक अच्छी आदत यह है — जब भी कोई नया दस्तावेज़ शुरू करें, सबसे पहले font व आकार तय कर लें, फिर टाइप करना शुरू करें, बजाय टाइप कर लेने के बाद बदलने के — इससे बार-बार Select करने की मेहनत बचती है।

आज का काम «अभ्यास»

अपने दस्तावेज़ में शीर्षक को अलग font व बड़े आकार (18-20) में, और बाक़ी लेखन को दूसरे साफ़ font में सामान्य आकार (11-12) में सेट करें। हिंदी लिखते समय Mangal या Nirmala UI जैसे font का उपयोग करके देखें।

Font का पहला-आकार याद रखना — 12 सबसे आम शुरुआत

अगर कोई नया दस्तावेज़ शुरू करते समय समझ न आए कि किस आकार से शुरू करें, तो 11 या 12 point एक भरोसेमंद शुरुआती चुनाव है — यह लगभग हर सामान्य पत्र, आवेदन व नोट के लिए ठीक बैठता है। शीर्षक चाहिए तो उसे इससे बड़ा (16-20) रखें, बाक़ी दस्तावेज़ इसी 11-12 पर टिका रहने दें। यह एक साधारण, पर बहुत उपयोगी अंगूठा-नियम (rule of thumb) है, जो शुरुआती भ्रम को तुरंत दूर कर देता है।

नाप

शीर्षक व सामान्य-लेखन के लिए अलग-अलग सही font व आकार सफलतापूर्वक लगाए गए?

सबूत

अपने दस्तावेज़ में उपयोग किए गए font-नाम व आकार अपनी कॉपी में लिखकर सबूत-खाते में रखें।

बड़े दस्तावेज़ में एक साथ Font बदलना

मान लीजिए पूरा दस्तावेज़ पहले ही किसी और font में लिखा जा चुका है, और अब पूरे दस्तावेज़ का font एक साथ बदलना है — तो हर पंक्ति अलग-अलग चुनने की ज़रूरत नहीं। पाठ-133 में सीखा Ctrl+A (Select All) यहाँ फिर काम आता है — पूरा दस्तावेज़ चुनकर, नया font चुन लेने से पूरा लेखन एक झटके में बदल जाता है। यह छोटी तरकीब बड़े, पहले से लिखे दस्तावेज़ों में समय की बहुत बचत करती है।

बुज़ुर्गों व कमज़ोर आँखों वाले पाठकों के लिए विशेष ध्यान

गाँव-क़स्बे में जब कोई सूचना बुज़ुर्गों या आम जनता के लिए दीवार पर चिपकाने के लिए बनती है, तो सामान्य 11-12 आकार बहुत छोटा पड़ जाता है — ऐसे दस्तावेज़ों में कम-से-कम 16-18 आकार, और सीधा-साफ़ font (जैसे Mangal) चुनना चाहिए, ताकि दूर से भी आसानी से पढ़ा जा सके। यह सोच पाठ-152 (सूचना/नोटिस) में और विस्तार से काम आएगी।

AI-सहायक

AI-सहायक से पूछिए — "देवनागरी हिंदी के लिए सबसे साफ़ पढ़ने वाला font कौन-सा माना जाता है?" मिले सुझाव अपने दस्तावेज़ में आज़माएँ।

आम ग़लती

सबसे बड़ी ग़लती — पूरे दस्तावेज़ में हर पैराग्राफ़ के लिए अलग font व आकार चुनना, "सुंदर दिखाने" के चक्कर में — इससे दस्तावेज़ पेशेवर नहीं, बल्कि उलझा हुआ दिखता है।

सुरक्षा-पत्रक

अगर देवनागरी font सही न दिखे (टूटे हुए अक्षर दिखें), तो पहले कंप्यूटर की भाषा-सेटिंग व font install होने की जाँच करें, ग़लत-सलत बदलाव करने से पहले।

स्रोत

इस पाठ की जानकारी ACS पाठ्यक्रम-दल ने तैयार की है: acslearn.com — देखा गया 14-08-2026।

योग्यता-जाँच

वीडियो (Video)

इस पाठ का जाँचा-परखा वीडियो जल्द यहीं जुड़ेगा। तब तक दो जीवित रास्ते —

🎬 YouTube पर इस पाठ के वीडियो खोजें 🏛️ NIELIT — सरकारी कंप्यूटर-शिक्षा संस्थान

(दोनों नई खिड़की में — बाहरी site, जानकारी ख़ुद verify करें; वीडियो बिना भी पाठ पूरा — पढ़ाई कहीं नहीं रुकती।)